
Darbhanga Bank Fraud: बैंकों में सेंधमारी सिर्फ डाका नहीं होती, यह भरोसे पर किया गया वार है, जो गरीब की गाढ़ी कमाई को पल भर में राख कर देता है। बिहार के दरभंगा में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां सेंट्रल बैंक के एक ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) संचालक ने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।
Darbhanga Bank Fraud: दरभंगा में बैंक फ्रॉड का बड़ा खुलासा, CSP संचालक ने उड़ाए लाखों, खाताधारकों में हड़कंप
Darbhanga Bank Fraud: क्या है पूरा मामला?
बिहार के दरभंगा में सेंट्रल बैंक के एक ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) संचालक द्वारा बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह घटना लहेरियासराय थाना क्षेत्र के बाकरगंज स्थित सीएसपी की है, जहां संचालक फर्जीवाड़े को अंजाम देकर ग्राहकों के लाखों रुपये लेकर फरार हो गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और बैंकिंग सेवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले को लेकर बहादुरपुर थाना क्षेत्र के याकूबपुर निवासी लाल पंडित के पुत्र सूरज कुमार ने लहेरियासराय थाना में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सूरज कुमार ने अपने आवेदन में बताया है कि 14 अप्रैल 2024 को सीएसपी संचालक सन्नी कुमार और मधु कुमारी ने मिलकर उनका खाता खुलवाया था। उन्होंने आगे जानकारी दी कि 1 अगस्त 2024, 20 सितंबर 2024 और 20 फरवरी 2025 को उन्होंने अपने खाते में 10-10 हजार रुपये करके कुल 30,000 रुपये जमा किए थे।
लेकिन, जब सूरज कुमार 15 दिसंबर 2025 को सेंट्रल बैंक की लहेरियासराय शाखा से अपने खाते से पैसे निकालने पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खाते में मात्र 2,000 रुपये जमा थे। तहकीकात करने पर यह खुलासा हुआ कि सीएसपी संचालक द्वारा उनके खाते में पैसे जमा ही नहीं किए गए थे। कई बार बैंक प्रबंधक से शिकायत करने के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूरन उन्हें थाना में मामला दर्ज करने के लिए आवेदन देना पड़ा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बैंक प्रबंधन की कार्रवाई और आगे की उम्मीद
इस बड़ी वित्तीय अनियमितता के सामने आने के बाद सेंट्रल बैंक प्रबंधन ने मामले का संज्ञान लिया है। बैंक के सहायक प्रबंधक ने जानकारी देते हुए बताया कि कई लोगों द्वारा सीएसपी संचालक के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके मद्देनजर तत्काल प्रभाव से उनके सीएसपी के कार्य पर रोक लगा दी गई है। सहायक प्रबंधक ने यह भी बताया कि सीएसपी संचालक को लाइसेंस देने वाली एजेंसी को भी इस धोखाधड़ी की सूचना दे दी गई है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पीड़ित खाताधारकों के लिए राहत की खबर यह है कि बीमा कंपनी उनके गबन किए गए पैसों का भुगतान करने की बात कह रही है। हालांकि, इस प्रक्रिया में कितना समय लगेगा और सभी पीड़ितों को न्याय मिल पाएगा या नहीं, यह देखना बाकी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर करती है, ताकि आम जनता का बैंक व्यवस्था पर भरोसा कायम रहे।







