

Madhubani News: शासन की नैया को सही दिशा देने और विकास के पहियों को गति प्रदान करने के लिए, प्रशासनिक अमले की सतत निगरानी बेहद ज़रूरी है। इसी कड़ी में, मधुबनी जिला प्रशासन ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए विभिन्न विभागों की समीक्षा कर अहम निर्देश जारी किए हैं।
मधुबनी जिला मुख्यालय स्थित डीआरडीए सभाकक्ष में सभी विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ अंतर विभागीय समन्वय एवं कार्यालय गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, बाढ़ प्रमंडल जैसे विभागों से संबंधित भूमि अधिग्रहण, कार्यालयों एवं योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता, भूमि अतिक्रमण, सीमांकन और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जैसे मामलों का अविलंब समाधान करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अंतर्विभागीय मामलों का त्वरित निपटारा करें ताकि जिले में विकास कार्यों को तेज गति प्रदान की जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि की उपलब्धता, भू-अर्जन आदि से जुड़े मामलों को सीधे ‘मधुबनी फर्स्ट पोर्टल’ पर अपलोड किया जाए, जिससे अपर समाहर्ता राजस्व द्वारा उन पर त्वरित कार्रवाई कर समाधान सुनिश्चित किया जा सके। विभागीय कार्यवाही से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए, डीएम ने इन्हें निर्धारित अवधि में ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया। संचालन पदाधिकारी को अपनी रिपोर्ट निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया।
Madhubani News: भूमि अधिग्रहण और अतिक्रमण पर डीएम का जोर
जिलाधिकारी ने इसके अतिरिक्त जिला नीलाम पत्र वाद, जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदन, सीपी ग्राम, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों, माननीय उच्च न्यायालय में चल रहे मामलों, सूचना का अधिकार, मानवाधिकार आदि से संबंधित मामलों की बारी-बारी से समीक्षा की। नीलाम पत्र वादों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पिछले एक माह में 357 नीलाम पत्र मामलों का निष्पादन किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कुल 14 करोड़ 95 लाख 12 हजार रुपए की राशि वसूली हुई है। जिलाधिकारी ने मधुबनी जिले के अंतर्गत नीलाम पत्र वादों से संबंधित 10 बड़े बकायेदारों के मामलों की भी विशेष समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को नीलाम पत्र के मामलों, विशेषकर बड़े बकायेदारों के लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर तेजी से निष्पादित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी बड़े राशि वाले कम से कम पांच मामलों का चयन कर उसका निष्पादन करें। वारंट जारी करने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि बकायेदारों को बकाया राशि भुगतान करने हेतु जारी डिमांड नोटिस निश्चित रूप से तामील हो गया हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जारी वारंट के आलोक में त्वरित कार्रवाई हो।
नीलाम पत्र वादों और जन शिकायतों का त्वरित निष्पादन
सेवानिवृत्ति लाभ की समीक्षा के क्रम में, डीएम ने ससमय सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों से छह माह पूर्व ही उनके सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित भुगतान के प्रस्ताव सक्षम प्राधिकार को स्वीकृति हेतु भेज दें, ताकि सेवानिवृत्ति के दिन ही उन्हें सभी प्रकार के लाभ दिए जा सकें। मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा में, पुलिस, राजस्व, शिक्षा एवं आईसीडीएस विभागों में सबसे अधिक आवेदन लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जन शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय पर निष्पादित करना सुनिश्चित करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। https://deshajtimes.com/news/national/
उन्होंने यह भी कहा कि माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य किया जाए। इसमें थोड़ी भी शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित रखने वाले पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर प्रगति लाने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान शिक्षा, भू-अर्जन कार्यालय और पुलिस विभाग में सबसे अधिक मामले लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के सभी कार्यालयों में पत्राचार केवल ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही किया जाए। किसी भी स्थिति में डाक या ईमेल से पत्र भेजने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कार्यालय प्रधान इसे पूरी गंभीरता से लें और इसका अचूक रूप से अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश की अवहेलना करने वाले पदाधिकारियों/कर्मियों पर बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी द्वारा सामाजिक सुरक्षा कोषांग से संबंधित राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, कबीर अंत्येष्टि योजना आदि का भी विस्तृत समीक्षा किया गया। जिलाधिकारी ने ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत पीएचईडी एवं पंचायती राज विभाग द्वारा छूटे हुए वार्डों के लिए नई जलापूर्ति योजना की प्रगति की समीक्षा की और कई आवश्यक निर्देश दिए। पंचाट सरकार भवन, कब्रिस्तान घेराबंदी, महादलित विकास योजना, मंदिर घेराबंदी आदि का भी समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह, अपर समाहर्ता मुकेश रंजन झा, अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार, नगर आयुक्त मधुबनी उमेश भारती, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार सिंह, डीपीआरओ परिमल कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।



