
HD Kumaraswamy: राजनीति का अखाड़ा हो या व्यापार का मैदान, कुछ शख्सियतें अपनी पहचान खुद बनाती हैं। ऐसे ही एक नाम हैं कर्नाटक की सियासत में अपनी गहरी छाप छोड़ने वाले एच.डी. कुमारस्वामी, जो आज अपना 66वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके जन्मदिन के इस विशेष अवसर पर, आइए जानते हैं उनके जीवन और राजनीतिक यात्रा से जुड़े कुछ दिलचस्प पहलू।
HD Kumaraswamy: कर्नाटक के दिग्गज नेता एचडी कुमारस्वामी का 66वां जन्मदिन, जानिए उनका राजनीतिक सफर
HD Kumaraswamy का प्रारंभिक जीवन और राजनीतिक विरासत
एच.डी. कुमारस्वामी का जन्म 16 दिसंबर 1959 को कर्नाटक में हुआ था। उनका पूरा नाम हरदानहल्ली देवगौड़ा कुमारस्वामी है। उनके पिता, श्री एच.डी. देवगौड़ा, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि उनकी मां का नाम चेन्नम्मा है। राजनीति उन्हें विरासत में मिली थी, यही वजह है कि उन्हें सियासी गलियारों में अपनी पहचान बनाने के लिए अत्यधिक संघर्ष नहीं करना पड़ा।
साल 1996 के आम चुनावों में, एचडी कुमारस्वामी ने कनकपुरा सीट से पहली बार जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक यात्रा का आगाज़ किया। इसके बाद, 1998 में उन्हें कनकपुरा से फिर से चुनाव लड़ना पड़ा, लेकिन इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। कर्नाटक राजनीति में उतार-चढ़ाव भरे इस दौर में, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अगले साल, 1999 में, उन्होंने साथनूर विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन सफलता फिर भी उनसे दूर रही। हालांकि, 2004 में उन्होंने रामनगर विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की और उसका प्रतिनिधित्व किया, जो उनके सियासी करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
सियासी सफर का उतार-चढ़ाव
एच.डी. कुमारस्वामी पहली बार 4 फरवरी 2006 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने और 9 अक्टूबर 2007 तक इस पद पर रहे। उस समय उनका बीजेपी के साथ सत्ता हस्तांतरण का समझौता था, जिसके तहत उन्हें एक निश्चित समय के बाद बीजेपी को सत्ता सौंपनी थी। लेकिन, उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में, जब बीजेपी के साथ उनका फिर से समझौता हुआ, तब मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के साथ सत्ता मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर मतभेद फिर से उभर आए। कर्नाटक राजनीति में ऐसे घटनाक्रम आम हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
नवंबर 2014 में, कुमारस्वामी को कर्नाटक राज्य जनता दल (सेक्युलर) का अध्यक्ष चुना गया। 2023 में, उन्होंने कर्नाटक के चन्नपटना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की।
मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
साल 2024 के लोकसभा चुनावों में, उन्होंने कर्नाटक के मांड्या निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और एक बार फिर जीत हासिल की। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन के चलते, कुमारस्वामी को 9 जून 2024 को तीसरे मोदी मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री के रूप में शामिल किया गया। वर्तमान में, वे ‘केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री’ का पद संभाल रहे हैं, जो उनके लंबे और प्रभावशाली राजनीतिक करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






