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मार्च, 11, 2026
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Bihar Land Encroachment: बिहार की एक-एक इंच सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा, जानें

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Bihar Land Encroachment: बिहार की धरती अब अवैध कब्जों की जंजीरों से मुक्त होगी, सरकार ने एक ऐसा चाबुक चलाया है कि अतिक्रमणकारियों के होश उड़ जाएंगे।

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सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा: Bihar Land Encroachment अभियान में सीओ की भूमिका

बिहार में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सरकार अब बेहद सख्त हो गई है। हाल ही में जारी नए निर्देश के मुताबिक, अंचलाधिकारी (सीओ) को प्रत्येक मौजा में यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी गैरमजरूआ भूमि जैसे कि गैरमजरूआ मालिक, आम, खास, महल, कैसर-ए-हिन्द, बकास्त मालिक को इस प्रक्रिया में गलत तरीके से शामिल न किया जाए। यह कदम सरकारी जमीन की पहचान और उसके संरक्षण के लिए उठाया गया है।

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सीओ को अपने क्षेत्र के टोपोलैंड के रकबे का भी स्पष्ट उल्लेख करना होगा। इसका सीधा अर्थ है कि अब सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से काबिज लोगों को अपनी जगह खाली करनी होगी। बुलडोजर कार्रवाई तभी रुकेगी, जब अंचलाधिकारी स्वयं इसके आदेश देंगे। यह सरकार की तरफ से अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई का संकेत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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सरकारी जमीनों के प्रकार और उनका महत्व

बिहार में जमीन के कई प्रकार हैं, जिनमें गैरमजरूआ मालिक, आम, खास, महल, कैसर-ए-हिन्द, बकास्त मालिक जैसी श्रेणियां शामिल हैं। गैरमजरूआ मालिक भूमि वह होती है जिसका कोई स्पष्ट निजी मालिक नहीं होता, जबकि आम और खास गैरमजरूआ भूमियां सार्वजनिक उपयोग या विशिष्ट सामुदायिक उद्देश्यों के लिए होती हैं। कैसर-ए-हिन्द और महल जैसी भूमियां सीधे सरकार के अधीन होती हैं। इन सभी भूमियों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सरकार का यह प्रयास राज्य के भू-अभिलेखों को दुरुस्त करने और भूमि संबंधी विवादों को कम करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। अंचलाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ इस अभियान को अंजाम दें और सुनिश्चित करें कि किसी भी वैध मालिक को बेवजह परेशान न किया जाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अतिक्रमणकारियों पर लगेगी लगाम, कार्रवाई होगी तेज

अतिक्रमण हटाने की यह कवायद केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखेगी। जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां बिना किसी देरी के बुलडोजर चलेगा। इस सख्ती का मकसद सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और भूमिहीनों के लिए भविष्य की योजनाओं को सुगम बनाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस पूरी प्रक्रिया में न्यायपूर्ण और विधि सम्मत तरीके से कार्रवाई हो।

यह अभियान सिर्फ अवैध कब्जों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे राज्य के भू-अभिलेख प्रणाली में सुधार लाना भी है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे हर मौजा में भूमि की स्थिति का सटीक प्रमाण पत्र जारी करें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हों। इससे जमीन संबंधी धोखाधड़ी पर भी लगाम लगेगी।

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