
Bihar Cabinet Meeting — बिहार सरकार ने अपने बहुप्रतीक्षित विकास एजेंडे सात निश्चय-3 को लागू करने का औपचारिक निर्णय ले लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से साझा की। यह कार्यक्रम वर्ष 2025 से 2030 तक राज्य के समग्र विकास का आधार बनेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि वर्ष 2005 से अब तक राज्य में कानून का शासन स्थापित हुआ है और बीते 20 वर्षों में सभी वर्गों के लिए निरंतर विकास कार्य किए गए हैं। सात निश्चय (2015–2020) और सात निश्चय-2 (2020–2025) के लक्ष्यों को हासिल करने के बाद अब बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 की शुरुआत की गई है।
1. दोगुना रोजगार – दोगुनी आय
सात निश्चय-3 का पहला और सबसे अहम संकल्प राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाकर प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना है। इसके लिए सरकार ने कई नई योजनाएं शुरू की हैं।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता दी जा रही है। आगे चलकर इस रोजगार को विस्तार देने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी।
वर्ष 2023 में कराए गए जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा, स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए हाट-बाजारों का विकास किया जाएगा। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है। इसी उद्देश्य से अलग युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है।
2. समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार
दूसरा संकल्प राज्य में उद्योगों को मजबूत कर बिहार को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है।
इन समितियों का लक्ष्य बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब, विश्वस्तरीय कार्यस्थल और निवेश के लिए आकर्षक राज्य बनाना है। सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है।
सरकार ने अगले पांच वर्षों में कम से कम 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है।
छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय की स्थापना की गई है, जबकि स्थानीय उत्पादों के निर्यात और ब्रांडिंग के लिए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम बनाया गया है।
इसके साथ ही, बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को पुनः चालू करने और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
3. कृषि में प्रगति – प्रदेश की समृद्धि
तीसरा संकल्प किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके तहत 2024 से 2029 के लिए तैयार चौथे कृषि रोडमैप को तेज गति से लागू किया जाएगा।
मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए अलग मखाना रोडमैप तैयार किया जाएगा। डेयरी और मत्स्य पालन को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
राज्य के सभी गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन और प्रत्येक पंचायत में ‘सुधा’ बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की दिशा में कार्य को और गति दी जाएगी।
4. उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य
सात निश्चय-3 का चौथा लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। इसके लिए राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन किया गया है।
पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, राज्य में एक नई एजुकेशन सिटी का निर्माण भी प्रस्तावित है।
5. सुलभ स्वास्थ्य – सुरक्षित जीवन
पांचवां संकल्प स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से जुड़ा है। इसके तहत प्रखंड स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में बदला जाएगा।
नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में बेहतर शिक्षा एवं इलाज के लिए लोक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति लाई जाएगी और सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का प्रावधान किया जाएगा।
6. मजबूत आधार – आधुनिक विस्तार
छठा संकल्प बुनियादी ढांचे और शहरी विकास पर केंद्रित है। इसके तहत शहरों का विस्तार, नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण और नए नियोजित शहरों का विकास किया जाएगा।
शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास, 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का दो लेन में चौड़ीकरण किया जाएगा।
साथ ही, बिजली ढांचे को मजबूत कर घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा दिया जाएगा।
पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए फिल्म सिटी और खेलों के लिए पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी तथा सभी जिलों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे।
7. सबका सम्मान – जीवन आसान @ Bihar Cabinet Meeting
सात निश्चय-3 का अंतिम और सबसे व्यापक लक्ष्य Ease of Living को बेहतर बनाना है। इसके तहत आधुनिक तकनीक, नवाचार और संवेदनशील सुशासन के जरिए नागरिकों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सात निश्चय-3 के प्रभावी क्रियान्वयन से विकसित बिहार का सपना साकार होगा और राज्य देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।




