
Bihar Mining: धरती से निकलने वाला हर कंकर, हर पत्थर राज्य की समृद्धि का आधार है, लेकिन जब इसमें सेंध लगती है तो सिर्फ राजस्व का ही नहीं, बल्कि व्यवस्था का भी क्षरण होता है। इसी क्षरण को रोकने के लिए बिहार सरकार ने अब कमर कस ली है।
Bihar Mining: राजस्व में सेंध लगाने वालों पर नकेल, खान विभाग की कड़ाई से हड़कंप
बिहार माइनिंग: राजस्व वसूली में पिछड़े 10 जिलों को शो-कॉज नोटिस
Bihar Mining: बिहार में खनिज संपदा से होने वाली राजस्व वसूली को लेकर खान एवं भूतत्व विभाग अब सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। विभाग के निदेशक ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह पाए जाएंगे, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राजस्व संग्रह में शिथिलता सीधे तौर पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रही है। समीक्षा बैठक के दौरान उन जिलों की पहचान की गई, जिनका प्रदर्शन राजस्व वसूली के मामले में बेहद खराब रहा है। ऐसे 10 जिलों को तत्काल प्रभाव से शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। इन जिलों के अधिकारियों से पूछा गया है कि आखिर उनके यहां राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा क्यों नहीं हो पा रहा है और इसके पीछे क्या कारण हैं। विभाग ने सभी जिलों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अब दैनिक लक्ष्य तय करें और एक स्पष्ट कार्ययोजना के साथ काम करें। यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि राज्य में अवैध खनन एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अवैध खनन पर शिकंजा कसने की तैयारी
खान विभाग का यह कदम केवल राजस्व वसूली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध राज्य में बढ़ते अवैध खनन पर लगाम लगाने से भी है। विभाग के निदेशक ने बताया कि निर्धारित दैनिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अधिकारियों को ठोस रणनीति बनानी होगी और उसका ईमानदारी से पालन करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करना होगा कि खनिज संपदा का निष्कर्षण वैध तरीके से हो और उससे प्राप्त राजस्व सरकार के खाते में जमा हो। सरकार की प्राथमिकता है कि खनिज संपदा का सदुपयोग हो और इसके माध्यम से राज्य के विकास को गति मिले।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें और तत्काल कार्रवाई करें। इसके लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए गए हैं। विभाग चाहता है कि एक पारदर्शी और प्रभावी प्रणाली लागू हो, जिससे राजस्व में वृद्धि हो सके और राज्य की खनिज संपदा का उचित प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। आपको बता दें कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राज्य सरकार ने खनिज क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं और यह नई पहल उसी कड़ी का एक हिस्सा है।




