
Patna Gandhi Maidan: जिस गांधी मैदान की मिट्टी ने न जाने कितने धावकों और खिलाड़ियों को तराशा है, जहाँ की सुबहें ऊर्जा और उम्मीदों से सराबोर रहती थीं, अब उस पर भी ‘रोक’ का ग्रहण लग गया है।
Patna Gandhi Maidan: अब नहीं दौड़ पाएंगे आप, गांधी मैदान में खेल-कूद पर लगा बैन!
Patna Gandhi Maidan: क्यों लगा दौड़ और खेलकूद पर प्रतिबंध?
राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में अब आम लोग फिजिकल ट्रेनिंग और दौड़-कूद नहीं कर पाएंगे। प्रशासन ने घास की बर्बादी, उड़ती धूल और बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। यह निर्णय विशेष रूप से सुबह के समय मैदान का उपयोग करने वाले सैकड़ों लोगों के लिए एक बड़ा झटका है, जो अपनी शारीरिक गतिविधियों के लिए इस विशाल मैदान पर निर्भर थे।
लंबे समय से यह देखा जा रहा था कि मैदान में लगातार दौड़ने और खेलने से हरी-भरी घास खराब हो रही थी। इसके साथ ही, धूल उड़ने के कारण मैदान के आसपास वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा था, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा था। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से मैदान की हरियाली को वापस लाया जा सकेगा और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य गांधी मैदान को उसके मूल स्वरूप में लौटाना है। सुबह के समय यहां जुटने वाले लोगों की भीड़ से घास को काफी नुकसान पहुंच रहा था, जिससे मैदान का सौंदर्य खराब हो रहा था। कई बार चेतावनी के बावजूद नियमों का उल्लंघन होता रहा, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाना पड़ा है। अब लोगों को अपनी शारीरिक गतिविधियों के लिए वैकल्पिक स्थानों की तलाश करनी होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें:
इस फैसले से उन युवाओं और सेना-पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी, जो नियमित रूप से यहां अभ्यास करते थे। प्रशासन ने हालांकि अभी तक वैकल्पिक व्यवस्था पर कोई जानकारी नहीं दी है।
मैदान की हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य
इस प्रतिबंध के बाद उम्मीद की जा रही है कि गांधी मैदान फिर से अपनी हरी-भरी छटा बिखेर सकेगा। प्रशासन का यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, यह देखना बाकी है कि इस निर्णय का आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है और लोग इसके प्रति कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह रोक सिर्फ उन गतिविधियों पर लगाई गई है जिनसे मैदान को नुकसान पहुंचता है। सामान्य सैर या टहलने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन तेज दौड़ या समूह में की जाने वाली गतिविधियां अब संभव नहीं होंगी। इसका मकसद गांधी मैदान की गरिमा और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

