
अपाचे हेलीकॉप्टर न्यूज़: आसमान से बरसने वाली आग और धरती पर दुश्मनों को धूल चटाने की क्षमता, भारतीय सेना को अब वो अचूक हथियार मिल गया है, जिसका इंतजार लंबे समय से था। भारतीय सेना को संयुक्त राज्य अमेरिका से तीन एएच-64ई अपाचे हमलावर हेलीकॉप्टरों का अंतिम जत्था प्राप्त हो गया है। इसके साथ ही, राजस्थान के जोधपुर स्थित 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन के लिए कुल छह हेलीकॉप्टरों का पूरा बेड़ा अब तैयार हो चुका है। यह महत्वपूर्ण अधिग्रहण भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इन हेलीकॉप्टरों को गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर उतारा गया है और बुधवार सुबह आधिकारिक तस्वीरें जारी होने की संभावना है। तीन अपाचे हेलीकॉप्टरों का पहला जत्था लगभग 15 महीने की देरी के बाद जुलाई में भारत पहुंचा था, जिसके बाद से शेष तीन हेलीकॉप्टरों का इंतजार किया जा रहा था। इस देरी के कारण मार्च 2024 में गठित होने के बावजूद स्क्वाड्रन की परिचालन क्षमता सीमित रही थी। पहले ऐसी खबरें थीं कि अंतिम जत्थे को भारत पहुंचने के बाद औपचारिक रूप से सेवा में शामिल करने से पहले उसकी असेंबलिंग और गहन निरीक्षण किया जाएगा।
अपाचे हेलीकॉप्टर: रणभूमि का ‘उड़ता टैंक’
एएच-64ई अपाचे, जिसे अक्सर इसकी भारी मारक क्षमता और उच्च विनाशकारी ताकत के कारण ‘उड़ता टैंक’ कहा जाता है, दुनिया के सबसे उन्नत बहु-भूमिका वाले लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एरिज़ोना के मेसा में निर्मित, यह अमेरिकी सेना के आक्रमण बेड़े की रीढ़ है और भारत सहित कई सहयोगी देशों द्वारा इसका उपयोग किया जाता है। यह हेलीकॉप्टर हेलफायर मिसाइलों, 70 मिमी रॉकेटों और 30 मिमी चेन गन से लैस है, जो इसे दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों, बंकरों और वायु रक्षा प्रणालियों को निष्क्रिय करने में सक्षम बनाता है।
इसके उन्नत सेंसर, रात्रि-लड़ाई क्षमता और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध प्रणाली इसे उच्च जोखिम वाले वातावरण और पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक प्रभावी बनाती है। इसकी तैनाती से भारतीय सेना की जमीनी और हवाई हमलों को समन्वयित करने की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इसकी उपस्थिति दुश्मनों के हौसले पस्त कर सकती है।
वितरण में देरी और संशोधित समयसीमा
2020 में अमेरिका के साथ हस्ताक्षरित 60 करोड़ अमेरिकी डॉलर के समझौते के तहत, सेना को मई या जून 2024 तक सभी छह अपाचे हेलीकॉप्टर मिलने थे। हालांकि, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण डिलीवरी की समयसीमा को बाद में दिसंबर 2024 तक संशोधित किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मूल रूप से, हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी तीन-तीन के दो बैचों में होनी थी, जिसमें पहले बैच की डिलीवरी मई और जून 2024 के बीच होने की उम्मीद थी। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने पहले देरी का कारण अमेरिकी पक्ष की तकनीकी समस्याओं को बताया था, जिसके कारण कई बार समयसीमा चूक गई थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
सेना विमानन कोर को मिला अभूतपूर्व बल
पूरे अपाचे बेड़े के शामिल होने से सेना विमानन कोर को एक बड़ा परिचालन लाभ मिला है। एक साल से अधिक समय से अपने पहले अपाचे स्क्वाड्रन का गठन करने के बावजूद, यह कोर इन अत्याधुनिक लड़ाकू हेलीकॉप्टरों का इंतजार कर रही थी। अब सभी छह हेलीकॉप्टर तैनात होने से, संवेदनशील क्षेत्रों में सेना की आक्रमण विमानन क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे भारतीय सेना की समग्र युद्ध शक्ति में निर्णायक बढ़ोतरी होगी।




