
Darbhanga News: कानून के लंबे हाथ और अदालत की पैनी नजर जब एक साथ काम करती है, तो अपराधियों के लिए कोई भी पनाहगाह छोटी पड़ जाती है। दरभंगा के सिविल कोर्ट में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां जघन्य अपराधों के आरोपियों पर न्याय का हथौड़ा चला और उनकी जमानत की उम्मीदें धराशायी हो गईं।
Darbhanga News: किशोर न्याय बोर्ड को गुमराह करने का प्रयास विफल
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, संतोष कुमार पांडेय की अदालत ने एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी उपेंद्र दास की जमानत याचिका खारिज कर दी। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के मिल्कीचक निवासी उपेंद्र दास पर आरोप है कि उसने अपने बेटे को नाबालिग साबित करने के लिए किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के समक्ष जाली प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि बोर्ड द्वारा जब प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई, तो पूरा मामला फर्जी निकला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। न्यायालय को गुमराह करने के इस गंभीर प्रयास को देखते हुए अदालत ने आरोपी को कोई राहत नहीं दी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में धोखाधड़ी, नहीं मिली राहत
वहीं, सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की अदालत ने सरकारी योजना में सेंधमारी करने वालों पर भी सख्ती दिखाई। बहेड़ी थाना कांड संख्या 207/25 के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की राशि फर्जी तरीके से अपने खाते में जमा कराने की आरोपी कोरिगामा गांव की लाखो देवी और संतोष ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। इन विभिन्न आपराधिक मामले में अदालत का रुख बेहद सख्त रहा।
इसी अदालत ने एक अन्य मामले में भोजपुर जिले के बरहरा थाना क्षेत्र निवासी गौतम कुमार सिंह उर्फ जौंटी की अग्रिम जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी। गौतम पर आरोप है कि उसने जाली दस्तावेज और बंधपत्र लगाकर जमानत हासिल करने की कोशिश की थी।
जानलेवा हमला और हत्या के आरोपियों को भी झटका
अदालतों ने हिंसक अपराधों में भी कोई नरमी नहीं दिखाई। प्रथम एडीजे की कोर्ट ने केवटी थाना कांड संख्या 237/25 में जानलेवा हमले के आरोपी मो. अली, नूझट प्रवीण, नसरा खातून और रफत प्रवीण की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसी तरह, शिवधारा निवासी मो. शब्बीर की याचिका भी खारिज कर दी गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अपर सत्र न्यायाधीश नागेश प्रताप सिंह की अदालत ने रैयाम थाना कांड संख्या 83/24 में हत्या की अभियुक्त समैला गांव निवासी अमरेश यादव की पत्नी विभा देवी की याचिका को भी खारिज कर दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह फैसले दर्शाते हैं कि न्यायपालिका संगीन अपराधों को लेकर कितनी गंभीर है।
‘जघन्य अपराध के आरोपियों को नहीं मिलेगी जमानत’ – लोक अभियोजक
इन फैसलों पर प्रतिक्रिया देते हुए लोक अभियोजक (PP) अमरेंद्र नारायण झा ने स्पष्ट कहा कि दरभंगा की अदालतों से किसी भी जघन्य अपराध के आरोपी को जमानत का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की सख्ती से जिले में अपराध दर में निश्चित रूप से कमी आएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक कड़ा संदेश है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।




