
Aaj Ka Panchang: सनातन धर्म में प्रत्येक दिवस का अपना विशेष महत्व होता है, और यह महत्व ज्योतिषीय गणनाओं से परिपूर्ण पंचांग के माध्यम से और भी स्पष्ट हो जाता है। पंचांग हमें न केवल तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है, बल्कि यह शुभ-अशुभ समयों का बोध कराकर हमें अपने महत्वपूर्ण कार्यों को सही समय पर करने में सहायक भी होता है। जीवन में संतुलन और सुख-शांति बनाए रखने के लिए ग्रहों की स्थिति और कालगणना का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज का पंचांग: 18 दिसंबर 2025, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति
18 दिसंबर 2025 का विस्तृत Aaj Ka Panchang
गुरुवार, 18 दिसंबर 2025 को पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी, जो प्रातः 09:30 बजे तक मान्य होगी, तत्पश्चात अमावस्या तिथि का आरंभ हो जाएगा। इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र शाम 04:45 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मूल नक्षत्र प्रभावी होगा। योग की बात करें तो धृति योग दोपहर 01:10 बजे तक, उसके उपरांत शूल योग रहेगा। करण में विष्टि (भद्रा) प्रातः 09:30 बजे तक, फिर शकुनि रात्रि 08:30 बजे तक और अंत में चतुष्पाद करण रहेगा। चंद्र राशि वृश्चिक रहेगी जो शाम 04:45 बजे तक प्रभावी रहेगी, इसके बाद धनु राशि में चंद्रमा का गोचर होगा। इस पवित्र दिन का सदुपयोग करने और किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले शुभ-अशुभ समयों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है।
आज के दिन सूर्य धनु राशि में और चंद्र वृश्चिक राशि में (सायंकाल से धनु राशि में) गोचर करेंगे। यह ग्रहों की स्थिति आपके दैनिक जीवन पर सूक्ष्म प्रभाव डालेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त और महत्वपूर्ण समय
| विवरण | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 07:08 AM |
| सूर्यास्त | 05:28 PM |
| चंद्रोदय | अगले दिन 06:05 AM |
| चंद्रास्त | 04:40 PM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:59 AM – 12:44 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:20 AM – 06:14 AM |
| विजय मुहूर्त | 02:14 PM – 02:59 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 05:26 PM – 05:53 PM |
| निशिता मुहूर्त | 11:53 PM – 12:47 AM (अगले दिन) |
| राहुकाल | 01:36 PM – 03:00 PM |
| यमगंड | 07:08 AM – 08:32 AM |
| गुलिक काल | 09:56 AM – 11:20 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:29 AM – 11:14 AM और 02:59 PM – 03:44 PM |
| भद्रा | प्रातः 09:30 बजे तक |
| दिशा शूल | दक्षिण दिशा (दही या गुड़ खाकर यात्रा करें) |
आज की तिथि का महत्व और उपाय
आज पौष कृष्ण चतुर्दशी उपरांत अमावस्या तिथि है। अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान करने का विधान है। अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए आज के दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल मिलता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज के दिन यदि आप किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो अभिजीत मुहूर्त में करना श्रेयस्कर होगा। राहुकाल और दुर्मुहूर्त जैसे अशुभ समयों में नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।
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आज के दिन भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। इससे मन को शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।





