

BRABU PG Admission: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए खुशखबरी है। दिसंबर महीने से नए सत्र 2025-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने वाली है, जो उनके भविष्य की राह आसान करेगी। शिक्षा के इस नए द्वार के खुलने से हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
BRABU PG Admission: क्यों अहम है यह सत्र और क्या हैं चुनौतियां?
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र 2025-27 के लिए स्नातकोत्तर दाखिला प्रक्रिया दिसंबर में शुरू करने का लक्ष्य रखा है। उम्मीद है कि 11 हजार से अधिक सीटों के लिए लगभग 25 हजार आवेदन प्राप्त होंगे। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हो सकता है, जो उच्च शिक्षा के प्रति छात्रों के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि जनवरी के अंत तक सभी दाखिला प्रक्रिया पूरी कर ली जाए ताकि नया सत्र समय पर शुरू हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नामांकन प्रक्रिया में इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव है। समर्थ पोर्टल तैयार न होने के कारण, इस बार भी नामांकन यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (UMIS) के माध्यम से ही होगा। यह छात्रों के लिए पुरानी और जानी-पहचानी प्रक्रिया होगी, जिससे उन्हें आवेदन करने में अधिक परेशानी नहीं आएगी। हालांकि, समर्थ पोर्टल का न बन पाना कहीं न कहीं डिजिटल इंडिया की राह में एक छोटी बाधा प्रतीत होती है।
छात्रों को अपने गृह जिले में स्थित कॉलेजों या विभागों में दाखिले के लिए वरीयता मिलेगी। यह निर्णय स्थानीय छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे उन्हें अपने घरों के करीब रहकर पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और बाहर रहने का खर्च भी कम होगा। यह सुविधा खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
दाखिला प्रक्रिया: सीटों और आवेदनों का लेखा-जोखा
BRABU में स्नातकोत्तर दाखिला के लिए 11 हजार से अधिक सीटों का प्रस्ताव तैयार है, जबकि अनुमानित आवेदन संख्या 25 हजार के करीब है। यह अनुपात स्पष्ट करता है कि प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी। छात्रों को अपने मनपसंद विषय और कॉलेज में सीट पाने के लिए अच्छी तैयारी करनी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, ताकि किसी भी छात्र को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


