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मार्च, 6, 2026
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चीन के Steel Products पर भारत का कड़ा प्रहार: 5 साल के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू

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Steel Products: भारत और चीन के बीच व्यापारिक समीकरणों में एक बड़ा बदलाव आया है, जहाँ भारत ने चीनी आयात पर नकेल कसते हुए घरेलू इस्पात उद्योग को संरक्षण देने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और डंपिंग के आरोप लगातार बढ़ रहे हैं। यह कदम न केवल भारतीय निर्माताओं के लिए राहत लेकर आया है बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी सशक्त करेगा।

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# चीन के Steel Products पर भारत का कड़ा प्रहार: 5 साल के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू

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भारत सरकार ने गुरुवार को चीन से आयात होने वाले कुछ स्टील प्रोडक्ट्स पर अगले पांच साल के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, चीन से कोल्ड रोल्ड नॉन-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिकल स्टील (CRNO) के आयात पर 223.82 डॉलर प्रति टन का शुल्क लगाया जाएगा। गुरुवार देर रात जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया कि भारत ने चीन से विभिन्न प्रकार के कोल्ड-रोल्ड स्टील पर 223.8 डॉलर प्रति टन से लेकर 414.9 डॉलर प्रति टन तक की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला लिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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CRNO, जिसे आमतौर पर मोटर्स, जेनरेटर और छोटे ट्रांसफार्मर जैसे विद्युत उपकरणों में उपयोग किया जाता है, सिलिकॉन-इलेक्ट्रिकल स्टील के कोल्ड-रोल्ड फ्लैट स्टील उत्पादों को संदर्भित करता है। इसमें कॉइल या अन्य रूपों में मौजूद सभी चौड़ाई और मोटाई के उत्पाद शामिल हैं। हालांकि, भारत ने कोल्ड रोल्ड फुल हार्ड सिलिकॉन इलेक्ट्रिकल स्टील (CRFH) को इस एंटी-डंपिंग ड्यूटी के दायरे से बाहर रखा है, जो घरेलू निर्माताओं की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है।

## भारत के Steel Products उद्योग को मिलेगा नया जीवन

भारत सरकार द्वारा यह कदम घरेलू स्टील निर्माताओं को सस्ते आयात से होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अकसर डंप किए गए उत्पादों के कारण भारत की स्थानीय इंडस्ट्रीज को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होती है। भारतीय स्टील उद्योग ने लगातार इन स्टील प्रोडक्ट्स की कथित डंपिंग की जांच की मांग की थी, जिसके बाद DGTR ने विस्तृत जांच की और ड्यूटी लगाने की सिफारिश की। इस Import Duty से स्थानीय उद्योगों को अपनी लागत वसूलने और बाजार में टिके रहने में मदद मिलेगी। भारत की यह Import Duty नीति घरेलू निर्माताओं के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी।

पिछले महीने, भारत ने वियतनाम से हॉट रोल्ड फ्लैट स्टील प्रोडक्ट्स के आयात पर पांच साल के लिए 121.55 डॉलर प्रति टन की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई थी। सस्ता आयात घरेलू कंपनियों के मुनाफे पर सीधा असर डालता है और उनकी बाजार हिस्सेदारी को भी कम कर देता है। सरकार का यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी बल देगा, जिससे देश में ही उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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## भारत में स्टील आयात का बढ़ता रुझान

मार्केट रिसर्च फर्म बिगमिंट के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत का स्टेनलेस स्टील आयात बढ़कर 1.73 मिलियन टन हो गया है। इसमें चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख देश शामिल हैं, जिनसे भारत बड़ी मात्रा में स्टील का आयात करता है। यह बढ़ता आयात घरेलू उद्योग के लिए चिंता का विषय रहा है। देशज टाइम्स बिहार का N0.1 आप पढ़ रहे हैं।

रेटिंग एजेंसी ICRA की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 के पहले नौ महीनों में चीन का स्टील निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 88 मिलियन टन पर पहुंच गया है। निर्यात में यह भारी वृद्धि वैश्विक स्टील कीमतों पर लगातार दबाव डाल रही है, जिससे अन्य देशों के घरेलू बाजारों में डंपिंग की संभावना बढ़ जाती है।

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## एंटी-डंपिंग ड्यूटी: क्या और क्यों?

एंटी-डंपिंग ड्यूटी एक प्रकार का शुल्क है जो कोई सरकार विदेशों से आयात होने वाले सामानों पर लगाती है। जब कोई देश अपने यहां उत्पादित सामान को किसी दूसरे देश में अपनी घरेलू बाजार कीमत से भी कम दाम पर बेचता है, तो इस स्थिति को ‘डंपिंग’ कहा जाता है। डंपिंग का मुख्य उद्देश्य निर्यात करने वाले देश को बाजार में अनुचित लाभ पहुंचाना और दूसरे देश की घरेलू इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचाना होता है।

इस तरह की अनुचित व्यापार प्रथाओं से निपटने और घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, जिसे एंटी-डंपिंग ड्यूटी कहते हैं। डंपिंग की जांच DGTR करता है और उस पर शुल्क लगाने की सिफारिश करता है। सिफारिश करने के तीन महीने के भीतर वित्त मंत्रालय इस पर अंतिम फैसला लेता है। यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक उपकरण है जो निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को सुनिश्चित करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

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