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फ़रवरी, 11, 2026
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Chandra Darshan 2025: पावन चंद्र दर्शन से करें वर्ष के सबसे छोटे दिन को शुभ

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देशज टाइम्स | Highlights -

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Chandra Darshan 2025: आने वाले रविवार को, जब प्रकृति अपने चक्र में वर्ष की सबसे लंबी रात्रि और सबसे छोटे दिन का अलौकिक अनुभव कराएगी, तब एक अद्भुत खगोलीय घटना के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत विशेष संयोग बन रहा है। हिंदू धर्म में चंद्र देव को नवग्रहों में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है और उनके दर्शन तथा पूजन का विशेष विधान है। इस पावन अवसर पर चंद्रमा के दर्शन से मन को शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दिवस न केवल ज्योतिषीय गणनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी उत्तम माना गया है।

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Chandra Darshan 2025 का धार्मिक महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रत्येक माह अमावस्या के उपरांत जब चंद्रमा के प्रथम दर्शन होते हैं, उसे चंद्र दर्शन कहते हैं। यह नववर्ष 2025 का पहला चंद्र दर्शन है जो विशेष रूप से पुण्यकारी माना गया है। इस दिन चंद्र देव की विधि-विधान से पूजा करने से मानसिक शांति, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। चंद्र देव मन और भावनाओं के कारक ग्रह हैं, इसलिए उनके दर्शन से मन को स्थिरता मिलती है। इस विशेष दिन पर किए गए दान-पुण्य और तप का फल अक्षय होता है। यह **शुभ मुहूर्त** आपको जीवन में सुख-शांति प्रदान करेगा।

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इस पवित्र दिवस पर चंद्र देव का ध्यान करें और निम्न मंत्र का जाप करें:

ॐ सोम सोमाय नमः।

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चंद्र देव के दर्शन के उपरांत, सफेद वस्त्र धारण कर दूध, दही, चावल और जल से अर्घ्य देना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। संध्या काल में चंद्रमा के उदय होने पर उनके दर्शन करें और प्रार्थना करें। यह पर्व हमें प्रकृति के साथ जुड़ने और उसके दिव्य आशीर्वाद को प्राप्त करने का अवसर देता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

शुभ समय:

चंद्र दर्शन का शुभ समय सूर्यास्त के उपरांत चंद्रोदय के साथ प्रारंभ होता है और चंद्र अस्त तक रहता है। सामान्यतः यह लगभग शाम 06:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक होता है, लेकिन सटीक समय स्थानीय चंद्रोदय और चंद्रास्त के अनुसार भिन्न हो सकता है।

चंद्र दर्शन 2025 के दिन क्या करें:

  • चंद्र देव के दर्शन करें और उन्हें प्रणाम करें।
  • सफेद वस्त्र धारण करें।
  • चंद्रमा को अर्घ्य दें (जल, दूध, दही, चावल, सफेद फूल)।
  • ‘ॐ सोम सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करें।
  • गरीबों को सफेद वस्तुओं (जैसे दूध, चावल, चीनी) का दान करें।
  • मन को शांत रखें और सकारात्मक विचार लाएं।
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निष्कर्षतः, Chandra Darshan 2025 का यह पावन अवसर हमें आत्मिक शुद्धि और मानसिक शांति प्रदान करने वाला है। वर्ष के सबसे छोटे दिन और सबसे लंबी रात्रि के इस संगम पर चंद्र देव की कृपा प्राप्त करने से जीवन में नव ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। इस दिन किए गए छोटे से भी उपाय जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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