
Stock Market: वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय शेयर बाजार ने चार दिनों की लंबी गिरावट के बाद आखिरकार राहत की सांस ली। शुक्रवार, 19 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए कारोबारी सत्र में बाजार में एक जोरदार उछाल दर्ज की गई, जिसने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। यह तेजी क्यों आई और आगे क्या उम्मीद की जा सकती है, आइए जानते हैं इस विस्तृत विश्लेषण में।
उछला भारतीय Stock Market: सेंसेक्स 447, निफ्टी 151 अंक बढ़कर बंद
वैश्विक बाजारों में मजबूत प्रदर्शन और विदेशी निवेशकों की सक्रिय लिवाली के चलते घरेलू शेयर बाजार में तेजी आई। मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 447 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में 151 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका में नवंबर के खुदरा मुद्रास्फीति आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना प्रबल हुई है, जिसने निवेशकों की धारणा को सकारात्मक दिशा दी।
आज के Stock Market की मुख्य बातें: वैश्विक संकेतों का असर
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 447.55 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 84,929.36 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 585.69 अंक बढ़कर 85,067.50 अंक तक पहुंच गया था। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 150.85 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,966.40 अंक पर बंद हुआ।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन और विदेशी निवेश
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फिनसर्व के शेयरों में तेजी देखी गई। हालांकि, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एशिया के अन्य बाजारों जैसे दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के शेयर बाजार भी तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को ही तेजी दर्ज की गई थी।
ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुदी आर. ने बताया कि निवेशकों की धारणा सकारात्मक रही और वैश्विक संकेतकों से इसे मजबूत समर्थन मिला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगे ब्याज दरों में और कटौती किए जाने की उम्मीद ने वैश्विक जोखिम लेने की प्रवृत्ति को बढ़ाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसके परिणामस्वरूप व्यापक स्तर पर खरीदारी देखने को मिली।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 595.78 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी पिछले कारोबारी सत्र में 2,700.36 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.40 प्रतिशत गिरकर 59.58 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बाजार की यह स्थिति संकेत देती है कि आर्थिक मोर्चे पर कुछ स्थिरता लौट रही है, हालांकि अस्थिरता अभी भी बनी हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





