

Madhubani News: घनघोर रात, हड्डियों को गला देने वाली ठंड… जब शहर गहरी नींद में सो रहा था, तब एक प्रशासनिक अधिकारी की मानवीय पहल ने गर्माहट की नई मिसाल पेश की। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने आधी रात को मधुबनी रेलवे स्टेशन पहुंचकर असहायों को कम्बल बांटे।
मधुबनी। सर्द रातों में जब तापमान शून्य के करीब पहुंच रहा है, ऐसे में मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया। रविवार देर रात जब कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले रखा था, तब जिलाधिकारी अचानक मधुबनी रेलवे स्टेशन पहुंचे। उनका मकसद था उन ज़रूरतमंदों को राहत पहुंचाना, जिनके पास इस जानलेवा ठंड से बचने का कोई साधन नहीं था।
देर रात DM का औचक निरीक्षण और Madhubani News: कम्बल वितरण
जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से स्टेशन पर सो रहे गरीब, बेघर और असहाय लोगों की पहचान की। एक-एक करके उन्होंने सभी को गर्म कम्बल प्रदान किए। इस दौरान उनके साथ कुछ अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। यह पहल ऐसे समय में हुई है जब जिले भर में शीत लहर का प्रकोप जारी है और गरीब तथा बेघर लोगों के लिए रातें काटना बेहद मुश्किल हो गया है। इस कदम से न केवल उन्हें तात्कालिक राहत मिली, बल्कि प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1

जानकारी के अनुसार कड़कड़ाती ठंड और भयंकर शीत लहर के बीच जिलाधिकारी मधुबनी आनंद शर्मा ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए देर रात अचानक रेलवे स्टेशन, मधुबनी, बस स्टैंड सहित कई सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ठंड से जूझ रहे जरूरतमंदों, बेसहारा व्यक्तियों एवं यात्रियों के बीच स्वयं कंबल का वितरण किया, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शीत लहर से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ठंड के मौसम में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। रैन बसेरों, अलाव, कंबल वितरण एवं अन्य राहत उपायों को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लागू करने का निर्देश भी दिया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मानवता के नाते प्रशासन का दायित्व है कि इतनी भीषण ठंड में समाज के कमजोर वर्ग एवं जरुरतमंद के साथ खड़ा रहे। उन्होंने संबंधित विभागों को सतर्क रहकर लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
इस मानवीय पहल के दौरान अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी चंदन झा ,सहायक निर्देशक सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे। देर रात प्रशासन की इस सक्रियता और संवेदनशीलता की आम लोगों ने सराहना की और इसे जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत बताया।
मिली जानकारी के अनुसार, कम्बल पाने वाले लोगों के चेहरे पर अचानक मिली इस मदद से खुशी और कृतज्ञता के भाव स्पष्ट दिखाई दिए। एक बुजुर्ग महिला ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि आधी रात को कोई अधिकारी हमारी सुध लेने आएगा। यह कम्बल हमारे लिए जीवनदान है।” जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन शीत लहर से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण परेशान न हो।
मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल
यह घटना दर्शाती है कि अधिकारी केवल दफ्तरों में बैठकर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिला प्रशासन ने सभी सम्बंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करें और ज़रूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान करें। इस पहल से उम्मीद है कि जिले में ठंड से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो हर खबर आप तक पहुंचाता है।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा की यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत है। उनका यह प्रयास दिखाता है कि संकट के समय में मानवीय दृष्टिकोण कितना महत्वपूर्ण होता है। प्रशासन का यह कदम न केवल मधुबनी में, बल्कि पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया है, जो सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




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