

Muzaffarpur Land Registry: धरती सोना उगल रही है, मगर मुजफ्फरपुर में अब जमीन खरीदना सोने से भी महंगा होने जा रहा है। नए साल में संपत्ति के दाम और रजिस्ट्री शुल्क कई गुना बढ़ने की आशंका ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है।
मुजफ्फरपुर में Muzaffarpur Land Registry: जमीन के दाम छू रहे आसमान, नए साल में बढ़ेंगे और बोझ
Muzaffarpur Land Registry: जानें क्यों बढ़ रहा है रजिस्ट्री शुल्क?
फिलहाल मुजफ्फरपुर नगर निगम की सीमा से 08 से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली जमीन की रजिस्ट्री पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। यह प्रावधान पहले से ही लागू है, जिसका उद्देश्य शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए राजस्व जुटाना है। हालांकि, मौजूदा स्थिति एक बड़े बदलाव का संकेत दे रही है।
सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में यह अतिरिक्त शुल्क कई गुना ज्यादा हो सकता है, जिससे जमीन खरीदना और महंगा हो जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो शहर के आसपास के इलाकों में अपना घर बनाने या निवेश करने की सोच रहे हैं।
शहर के तेजी से बढ़ते दायरे और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होने की महत्वाकांक्षा ने जमीन के दामों में पहले ही काफी उछाल ला दिया है। अब रजिस्ट्री शुल्क में संभावित वृद्धि इस आग में घी का काम करेगी, जिससे रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है।
क्या होगा आम आदमी पर असर?
जमीन के दामों और रजिस्ट्री शुल्क में यह बढ़ोतरी आम आदमी के सपनों पर भारी पड़ सकती है। मध्यम वर्ग के लिए मुजफ्फरपुर और उसके आसपास जमीन खरीदना अब एक दूर का सपना बनकर रह सकता है। संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से ही जटिल और खर्चीली मानी जाती है, और यह वृद्धि इसे और दुर्गम बना देगी।
सरकार के लिए राजस्व बढ़ोतरी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य हो सकता है, लेकिन इसका सीधा बोझ जनता पर ही पड़ेगा। इससे न केवल घर खरीदने वालों की जेब पर असर पड़ेगा, बल्कि छोटे और मध्यम आकार के निवेशकों को भी दो बार सोचना पड़ेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/।
जानकारों का मानना है कि इस तरह की अप्रत्याशित वृद्धि से रियल एस्टेट सेक्टर में अस्थायी ठहराव आ सकता है, क्योंकि लोग नई दरों को समझने और उन्हें स्वीकार करने में समय लेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
शहर विस्तार और भविष्य की चुनौतियाँ
मुजफ्फरपुर का तेजी से शहरीकरण हो रहा है, और नगर निगम की सीमा का विस्तार भी लगातार जारी है। ऐसे में जमीन की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन, मांग और बढ़ी हुई लागत के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। संपत्ति पंजीकरण के बढ़ते खर्च से अवैध तरीकों से जमीन खरीद-फरोख्त को बढ़ावा मिलने का खतरा भी बढ़ सकता है, जिस पर सरकार को ध्यान देना होगा।
स्थानीय निवासियों और रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को इस वृद्धि को लागू करने से पहले जनता की प्रतिक्रिया और बाजार पर इसके संभावित दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करना चाहिए। पारदर्शिता और स्पष्ट नीतियां इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने में मदद कर सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


