

Science Exhibition: जहां नन्हे वैज्ञानिकों के प्रयोगों ने भविष्य की नींव रखी और कलाकारों की कल्पना ने रंगों को नए आयाम दिए, वह अद्भुत नजारा था।
किड्स कैंप स्कूल में ‘Science Exhibition’ का धूम, छात्रों ने दिखाए कमाल के हुनर
स्कूल में ‘Science Exhibition’: ज्ञान और कला का संगम
मुजफ्फरपुर के किड्स कैंप स्कूल में हाल ही में आयोजित विज्ञान और कला प्रदर्शनी ने शिक्षा के एक नए आयाम को छुआ। इस अनूठे आयोजन में छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और कलात्मक प्रतिभा का बेजोड़ प्रदर्शन किया। स्कूल परिसर एक जीवंत प्रयोगशाला और कला गैलरी में तब्दील हो गया था, जहां हर कोने में कुछ नया सीखने और देखने को मिल रहा था। विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल और कलाकृतियाँ प्रस्तुत कीं, जिन्हें देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया।
इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक कौशल विकसित करना था। नन्हे वैज्ञानिकों ने सौरमंडल के मॉडल, ज्वालामुखी के क्रियाशील प्रतिरूप, जल संरक्षण प्रणालियां, और बिजली के सर्किट जैसे प्रयोगों को बखूबी समझाया। इन प्रस्तुतियों में छात्रों की रचनात्मकता और गहन शोध स्पष्ट रूप से झलक रहा था। उन्होंने न केवल अपने मॉडलों को बनाया, बल्कि उनके पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांतों को भी आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कला खंड में, छात्रों ने अपनी कल्पना को कैनवास पर उतारा। उन्होंने प्राकृतिक दृश्यों, अमूर्त कला, पोर्ट्रेट और विभिन्न सांस्कृतिक कला रूपों को जीवंत किया। रंग और रेखाओं का ऐसा अद्भुत मेल था कि हर कृति अपनी कहानी कह रही थी। पर्यावरण जागरूकता से लेकर सामाजिक संदेशों तक, हर पेंटिंग एक महत्वपूर्ण विषय पर प्रकाश डाल रही थी।
अभिभावकों और शिक्षकों ने सराहा बच्चों का प्रयास
प्रदर्शनी में आए अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य आगंतुकों ने छात्रों के प्रयासों की खूब सराहना की। उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास, ज्ञान और कलात्मक अभिव्यक्ति को देखकर गर्व महसूस किया। अभिभावकों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों को किताबों से परे सोचने और सीखने के लिए प्रेरित करती हैं।
स्कूल की प्राचार्या श्रीमती रेखा देवी ने इस अवसर पर कहा, “हमारा लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है। ऐसी प्रदर्शनियाँ उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाती हैं। छात्रों की रचनात्मकता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
यह प्रदर्शनी न केवल एक शैक्षिक कार्यक्रम था, बल्कि यह छात्रों के भीतर छिपी क्षमता को उजागर करने का एक मंच भी था। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस प्रदर्शनी ने यह साबित कर दिया कि जब सीखने को मजेदार बनाया जाता है, तो बच्चे अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करते हैं।





