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जनवरी, 1, 2026

भारत का प्राइमरी मार्केट: 2026 में IPO का बंपर साल और निवेशकों के लिए बड़े मौके

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IPO: भारत के प्राइमरी मार्केट में 2025 का साल इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए एक ऐतिहासिक दौर रहा, जहाँ कंपनियों ने रिकॉर्ड-तोड़ फंड जुटाए। अब 2026 भी इसी रफ्तार को बनाए रखने और निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए तैयार दिख रहा है। यह सिर्फ एक प्रवृत्ति नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ती पूंजी और उद्यमशीलता की भावना का सीधा प्रमाण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पिछले साल 103 भारतीय कंपनियों ने मेनबोर्ड आईपीओ के माध्यम से 1,75,901 करोड़ रुपये जुटाए, जो एक साल पहले के 91 आईपीओ द्वारा जुटाए गए 1,59,784 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत अधिक था।

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विभिन्न बाजार विश्लेषकों की रिपोर्टों के अनुसार, साल 2026 में फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर गुड्स, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स की कई बड़ी और विविध कंपनियां बाजार से पूंजी जुटाने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि इस साल कुल फंडरेजिंग लगभग 2.65 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है, जो पिछले रिकॉर्ड्स को तोड़ सकती है। यह भारतीय बाजार के मजबूत आत्मविश्वास और वैश्विक निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

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आगामी वर्ष में IPO की उम्मीदें और लंबित अप्रूवल

बाजार डेटा प्रदाताओं द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2026 के लिए आईपीओ पाइपलाइन में कई उच्च-गुणवत्ता वाली कंपनियों के प्रस्ताव शामिल हैं। लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये के आईपीओ को अभी भी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से अंतिम अनुमोदन का इंतजार है। वहीं, 1.25 लाख करोड़ रुपये के अन्य आईपीओ को पहले ही नियामक की मंजूरी मिल चुकी है और वे एक्सचेंजों पर अपनी शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। यह एक मजबूत स्टार्टअप फंडिंग वातावरण की ओर इशारा करता है, जहाँ नई कंपनियां विकास के लिए पूंजी तक पहुँच बना रही हैं।

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इस साल आईपीओ के लिए कतार में खड़ी कुल 202 कंपनियों में से, विशेष रूप से सात नई-एज टेक्नोलॉजी फर्म लगभग 22,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही हैं। इनमें जोमैटो की पेरेंट कंपनी ‘इटरनल’ (Eternal), नायका को संचालित करने वाली ‘एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स’ (FSN E-commerce Ventures) और पेटीएम की पेरेंट कंपनी ‘वन 97 कम्युनिकेशंस’ (One 97 Communications) जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, रिलायंस जियो, फ्लिपकार्ट, बोएट (boAt), हीरो फिनकॉर्प (Hero FinCorp) और ओयो (OYO) जैसी दिग्गज कंपनियां भी आईपीओ लाने की तैयारी में जुटी हुई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दिखाता है कि भारत में स्टार्टअप फंडिंग का परिदृश्य कितना गतिशील हो गया है।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह और बाजार की दिशा

आईपीओ की इस बढ़ती भीड़ के बीच, बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को अत्यधिक चयनात्मक (selective) रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका जोर है कि निवेशकों को कंपनियों के मौलिक सिद्धांतों (फंडामेंटल्स), लाभप्रदता के तरीकों (प्रॉफिटेबिलिटी मॉडल्स) और मूल्यांकन अनुशासन (वैल्यूएशन डिसिप्लिन) पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सिर्फ उत्साह में आकर निवेश करने से बचना चाहिए और गहन शोध के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि निवेशक बदलते बाजार परिदृश्य में सूचित निर्णय ले सकें।

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