Darbhanga News: समय की रेत पर इतिहास के पदचिह्न छोड़ता हुआ दरभंगा, जिसने 152 सालों का सफर पूरा किया है, वह एक बार फिर अपने गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य का गवाह बना। यह एक ऐसा पल था जब अतीत वर्तमान से मिला और भविष्य की नींव रखी गई।
Darbhanga News: दरभंगा ने रोशन किया इतिहास का 152वां अध्याय, स्थापना दिवस पर जगमगाया समाहरणालय
Darbhanga News: दरभंगा समाहरणालय परिसर गुरुवार को रंगीन रोशनी और उत्सव के माहौल में सराबोर हो उठा। यह मौका था ऐतिहासिक दरभंगा जिले के 152वें स्थापना दिवस समारोह का, जिसे जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया।
इस विशेष अवसर पर, जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार के कर-कमलों से 152 कैंडल जलाकर और एक भव्य केक काटकर स्थापना दिवस समारोह को उत्साहपूर्ण ढंग से संपन्न किया गया। पूरे समाहरणालय परिसर को सतरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने रात के अंधेरे में एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, आकर्षक रंगोली का निर्माण कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई गई, जिससे परिसर में उत्सव का वातावरण और भी जीवंत हो उठा।
Darbhanga News: विकास और जनकल्याण की प्रतिबद्धता
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने इस अवसर पर दरभंगा जिले के सभी निवासियों को 152वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दरभंगा जिला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से सदैव समृद्ध रहा है और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिला प्रशासन निरंतर जनकल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिले का हर नागरिक हमारे लिए महत्वपूर्ण है और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है।
यह उल्लेखनीय है कि दरभंगा जिले की स्थापना 01 जनवरी 1875 ईस्वी को हुई थी। तब से लेकर आज तक, यह जिला आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक रूप से निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। जिलाधिकारी ने इस गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए कहा कि दरभंगा का गौरव सिर्फ इसके इतिहास में नहीं, बल्कि इसके वर्तमान और भविष्य की संभावनाओं में भी निहित है।
अधिकारियों की उपस्थिति और भविष्य की रूपरेखा
इस गरिमामय कार्यक्रम में अपर समाहर्त्ता (लो.शि.नि) श्री राजेश कुमार, अपर समाहर्त्ता विभागीय जांच श्री राकेश कुमार, अपर समाहर्त्ता आपदा प्रबंधन श्री सलीम अख्तर, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर श्री विकास कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाया। इस अवसर पर जिले के भविष्य की रूपरेखा पर भी अनौपचारिक चर्चाएँ हुईं, जिसमें विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
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यह समारोह केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि दरभंगा की पहचान, उसके संघर्षों और उसकी उपलब्धियों का एक प्रतीक था। यह याद दिलाता है कि कैसे एक जिला समय के साथ बदलता है, लेकिन अपनी जड़ों और अपनी समृद्ध विरासत को कभी नहीं भूलता। दरभंगा आगे भी विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए कटिबद्ध है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह समारोह दरभंगा के सामूहिक संकल्प और साझा भविष्य की एक मजबूत अभिव्यक्ति थी। दरभंगा का गौरव अक्षुण्ण रहे, यही कामना इस स्थापना दिवस पर की गई।




