Amit Shah Tamil Nadu Visit: राजनीति के रण में बिछी बिसात, सियासी बिसात पर चालें चल रहे मोहरे। तमिलनाडु में एक बार फिर राजनीतिक गर्मी बढ़ने वाली है, क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 जनवरी से दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं।
Amit Shah Tamil Nadu Visit: पुदुक्कोट्टई से शुरू होगा अभियान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 जनवरी से तमिलनाडु के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे पुदुक्कोट्टई में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन के राज्यव्यापी राजनीतिक अभियान के समापन समारोह को संबोधित करेंगे। उनका यह दौरा राज्य में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों को नई गति देने वाला माना जा रहा है। वे भाजपा की जिला इकाई द्वारा आयोजित “मोदी पोंगल” कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे। इसके बाद 5 जनवरी को शाह श्रीरंगम स्थित श्री रंगनाथस्वामी के दर्शन के लिए तिरुचिरापल्ली रवाना होंगे।
शाह के इस महत्वपूर्ण दौरे की पुष्टि करते हुए, नैनार नागेंद्रन ने गुरुवार को तिरुनेलवेली में पत्रकारों को बताया कि पुदुक्कोट्टई में होने वाले कार्यक्रम में लगभग 50,000 लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यह जनसभा भाजपा के शक्ति प्रदर्शन का एक बड़ा मंच होगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, तिरुचिरापल्ली रोड पर 49 एकड़ भूमि पर एक आकर्षक मंच का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यहां पर्याप्त रोशनी और बैठने की व्यवस्था की जा रही है। सभा में किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ को रोकने के लिए पुख्ता बैरिकेडिंग की जाएगी। नागेंद्रन ने अपना राज्यव्यापी अभियान, ‘तमिलगम थलाई निमिरा तमिलनिन पयानम’ (तमिलनाडु को गौरवान्वित करने के लिए एक तमिल की यात्रा), 12 अक्टूबर को मदुरै से शुरू किया था। इस अभियान का मुख्य निशाना सत्तारूढ़ डीएमके सरकार थी।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सामाजिक न्याय के संबंध में डीएमके सरकार के कथित दोहरे मापदंडों की आलोचना करते हुए, नागेंद्रन ने दावा किया कि डीएमके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन एक ओर सामाजिक न्याय की बात करते हैं और ‘समथुवा’ (समानता) पोंगल के आयोजन को भी प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि उन्होंने सफाई कर्मचारियों की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया है। भाजपा अध्यक्ष ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि जब पूरी दुनिया नव वर्ष मना रही थी, तब यह बेहद निंदनीय है कि सफाईकर्मी अभी भी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि डीएमके 2021 के विधानसभा चुनावों में किए गए अपने वादे के अनुसार उनकी सेवाओं को नियमित करने में विफल रही है।
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सफाईकर्मियों के ‘आंसुओं’ से बदलेगा सियासी समीकरण
उन्होंने सवाल उठाया, “अपने अधूरे चुनावी वादे के अलावा, क्या आपकी द्रविड़ शैली की सरकार यह भी भूल गई है कि सफाईकर्मी भी इंसान हैं?” नागेंद्रन ने दावा किया कि सफाईकर्मियों के “आंसुओं” से अंततः इस साल के विधानसभा चुनावों में सत्ता परिवर्तन होगा। भाजपा का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और राज्य में एक बड़े राजनीतिक बदलाव का कारण बन सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






