GST Collection: देश की आर्थिक स्थिति और कर नियमों के पालन को दर्शाता दिसंबर 2025 का जीएसटी संग्रह, जो पिछले साल के मुकाबले 6.1 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। 1 जनवरी, 2026 को जारी सरकारी आंकड़ों ने इस मजबूत प्रदर्शन की पुष्टि की है, जो भारत की निरंतर आर्थिक गतिशीलता का स्पष्ट प्रमाण है।
दिसंबर 2025 में छप्परफाड़ GST Collection: अर्थव्यवस्था को मिली नई रफ्तार!
GST Collection का बढ़ा ग्राफ: क्या कहते हैं आंकड़े?
दिसंबर 2025 में जीएसटी से सरकार की कमाई ने पिछले साल के मुकाबले 6.1 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा छू लिया। यह देश की मजबूत आर्थिक गतिविधि और कर नियमों के प्रभावी अनुपालन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान कुल जीएसटी संग्रह 8.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 16.5 लाख करोड़ रुपये हो गया था, जो पिछले साल की समान अवधि में जुटाए गए 15.2 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दिसंबर 2025 में केंद्रीय जीएसटी (CGST) और राज्य जीएसटी (SGST) के तहत संग्रह में सकारात्मक वृद्धि देखी गई, जो राज्यों और केंद्र दोनों के लिए राजस्व में वृद्धि का संकेत है। हालांकि, इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) में साल-दर-साल गिरावट दर्ज की गई, फिर भी 2025-26 वित्तीय वर्ष के सभी घटकों – CGST, SGST और IGST – ने कुल मिलाकर अच्छी वृद्धि दिखाई है। यह समग्र कर प्रणाली के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है, जिसमें जीएसटी काउंसिल की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
दिसंबर 2025 में शुद्ध जीएसटी राजस्व भी सालाना आधार पर 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा। अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान कुल जीएसटी राजस्व 16.50 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में जुटाए गए 15.19 लाख करोड़ रुपये से 8.6 प्रतिशत अधिक है। नवंबर में कुल जीएसटी कलेक्शन साल 2024 के नवंबर में जुटाए गए लगभग 1.69 लाख करोड़ के मुकाबले 0.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.70 लाख करोड़ रुपये हो गया। जीएसटी कलेक्शन में यह उछाल आयात राजस्व में 19.7 प्रतिशत की तेजी के चलते हुआ, जिसने कुल कलेक्शन में 51,977 करोड़ रुपये का योगदान दिया। यह दर्शाता है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बाजार में आयात-निर्यात से जुड़ी आर्थिक गतिविधि में भी तेजी आई है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
राजस्व के प्रमुख स्रोत और उनके योगदान
- स्थानीय जीएसटी राजस्व सालाना आधार पर 1.2 प्रतिशत बढ़कर 1.22 लाख करोड़ हो गया।
- आयात से जीएसटी राजस्व सालाना आधार पर 19.7 प्रतिशत बढ़कर 51,977 करोड़ हो गया।
- जीएसटी रिफंड सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 28,980 करोड़ हो गया।
- शुद्ध जीएसटी राजस्व सालाना आधार पर 2.2 प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ हो गया।
- जीएसटी मुआवजा उपकर सालाना आधार पर 64.69 प्रतिशत घटकर 4,238 करोड़ रह गया।
- कुल जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ हो गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि देश की कर व्यवस्था न केवल मजबूत हो रही है बल्कि विभिन्न क्षेत्रों से राजस्व संग्रह में भी निरंतरता बनी हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





