अवैध क्लिनिक: कुशेश्वरस्थान पूर्वी दरभंगा देशज टाइम्स। मौत के तांडव का गवाह बना एक और मासूम, जब जिंदगी बचाने की उम्मीद में गए और लौट आई सिर्फ लाश। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे इन मौत के सौदागरों पर अब तक पर्दा क्यों पड़ा था? कुशेश्वरस्थान पूर्वी में स्थित सम्राट चौक पर संचालित भारत क्लिनिक सह मेडिकल हॉल में 30 दिसंबर को इलाज के दौरान एक किशोर की दुखद मौत हो गई। इस गंभीर मामले को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुशेश्वरस्थान के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सोहराब ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
अवैध क्लिनिक पर नकेल कसने की तैयारी
इस घटना के बाद, उन्होंने बिरौल अनुमंडल पदाधिकारी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने प्रखंड क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पताल, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड केंद्र और पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी कर उन्हें सील करने के लिए मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की मांग की है। डॉ. सोहराब ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि अवैध रूप से चल रहे इन चिकित्सा प्रतिष्ठानों में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
किशोर की मौत: स्वास्थ्य विभाग की खुली नींद
गौरतलब है कि 30 दिसंबर को भारत मेडिकल हॉल और उसके समीप डॉ. भगवान दास के नाम से संचालित क्लिनिक में इलाज के दौरान बड़की कोनिया निवासी सत्य नारायण राम के 13 वर्षीय पुत्र की जान चली गई थी। मृतक के परिजनों ने बताया कि वे डॉ. भगवान दास के नाम पर इलाज के लिए गए थे, लेकिन वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। मेडिकल हॉल पर उपस्थित राजा नामक एक व्यक्ति ने किशोर का इलाज किया, जिसके बाद उसकी क्लिनिक में ही मौत हो गई। यह घटना स्पष्ट रूप से चिकित्सीय लापरवाही का एक बड़ा उदाहरण है।
इस दुखद घटना ने स्वास्थ्य विभाग की नींद खोल दी है और अब विभाग इस क्षेत्र में वर्षों से चल रहे अवैध अस्पताल, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी लैब की जांच के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ ऐसे संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग
कुशेश्वरस्थान क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं के नाम पर चल रही इन अनियमितताओं पर लगाम कसना अब एक बड़ी चुनौती बन गई है। कई बार ऐसे क्लिनिक में प्रशिक्षित स्टाफ और उचित सुविधाओं के अभाव में मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर इस गंभीर समस्या का समाधान निकालना होगा। इस मामले में भी परिजनों ने स्पष्ट तौर पर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसकी गहन जांच आवश्यक है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही ठोस कदम उठाकर इन अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






