back to top
⮜ शहर चुनें
जनवरी, 2, 2026

Darbhanga News: ‘प्राच्य के पुरोधा डॉ. गोविंद झा का निधन, संस्कृत विवि में हर आंखें नम, वीसी बोले- एक युग का अवसान

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Darbhanga News: जिंदगी के रंगमंच पर कुछ किरदार ऐसे होते हैं, जिनकी रोशनी जाने के बाद भी युगों तक जगमगाती रहती है। डॉ. गोविंद झा भी एक ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपनी कुशल प्रशासकीय क्षमता से कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय को नई दिशा दी। आज उनकी स्मृति में आयोजित शोक सभा में हर आंख नम थी, मानो एक युग का अवसान हो गया हो।

- Advertisement -

दरभंगा समाचार: डॉ. गोविंद झा के निधन से संस्कृत विवि में शोक की लहर, कुलपति बोले- ‘प्राच्य विषयों के पक्के हिमायती थे गोविंद बाबू’

- Advertisement -

दरभंगा समाचार: ‘गोविंद बाबू’ ने दी संस्कृत विश्वविद्यालय को नई पहचान

- Advertisement -

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय (केएसडीएसयू) के मुख्यालय में आयोजित शोक सभा में उपस्थित सभी पदाधिकारी और कर्मचारियों की आंखें नम थीं। कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय ने शोक सभा की अध्यक्षता करते हुए दिवंगत डॉ. गोविंद झा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. झा प्राच्य विषयों के सच्चे हिमायती थे और विश्वविद्यालय के लिए उनके कार्यों को भुलाना असंभव है। विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने अपनी कार्यक्षमता और दक्षता का अद्भुत परिचय दिया। प्रो. पांडेय ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ब्रजेशपति त्रिपाठी ने शोक प्रस्ताव पढ़ा, जिसमें डॉ. झा के जीवन और योगदान का जिक्र किया गया। धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार झा ने उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. झा एक उत्कृष्ट शिक्षा प्रशासक होने के साथ-साथ सभी के प्रिय थे। कर्मचारी नेता रविंद्र कुमार मिश्र ने भी डॉ. झा के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनके साथ बिताए पलों को याद किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  Darbhanga Crime News: ठंड में अपराधियों पर नकेल कसने अधिकारी उतरेंगे सड़क पर, DIG स्वप्ना गौतम का सख्त आदेश, रात्रि गश्त होगी और पुख्ता

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी निशिकांत ने बताया कि डॉ. गोविंद झा सभी के साथ स्नेहपूर्ण व्यवहार रखते थे, जिसके कारण वे ‘गोविंद बाबू’ के नाम से जाने जाते थे। शोक कार्यक्रम के दौरान सभागार में उपस्थित हर कर्मचारी की आंखें गीली थीं। सभी ने सामूहिक रूप से दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। डॉ. गोविंद झा का 23 दिसंबर को इलाज के दौरान निधन हो गया था, जिससे विश्वविद्यालय परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

‘भीष्मपितामह’ के रूप में जाने जाते थे डॉ. झा

डॉ. गोविंद झा ने कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्र कल्याण अध्यक्ष, समन्वयक कॉलेज विकास परिषद, कुलानुशासक, महाविद्यालय निरीक्षक जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर वर्षों तक यादगार सेवाएं दीं। उनकी कार्यशैली, समर्पण और विश्वविद्यालय के प्रति उनकी निष्ठा बेमिसाल थी। शिक्षा के प्रति उनके अगाध प्रेम और मार्गदर्शन क्षमता के कारण ही शिक्षा प्रेमी उन्हें आदर से ‘भीष्मपितामह’ कहकर पुकारते थे। उनका असमय जाना विश्वविद्यालय के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

शोक सभा में डीन प्रो. पुरेन्द्र वारिक, एफओ डॉ. पवन कुमार झा, डॉ. नवीन झा, डॉ. उमेश झा, डॉ. कुणाल झा, डॉ. ध्रुव मिश्र, डॉ. दयानाथ झा, डॉ. घनश्याम मिश्र, डॉ. सुनील झा, डॉ. रामसेवक झा, डॉ. नरोत्तम मिश्रा समेत विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में डॉ. झा के योगदान को याद किया और उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका जाना निश्चित रूप से संस्कृत शिक्षा और विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

भारत vs बांग्लादेश: क्या होगी India Tour of Bangladesh की तारीखें? BCB ने जारी किया शेड्यूल, BCCI मौन!

India Tour of Bangladesh: क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही...

डेटा खोने की चिंता छोड़ें: अब आसानी से करें अपने Gmail Address Change

Gmail Address Change: गूगल ने अपने जीमेल यूजर्स के लिए एक गेम-चेंजिंग अपडेट रोलआउट...

साई सुदर्शन (Sai Sudharsan) की पसली में फ्रैक्चर, तमिलनाडु को लगा बड़ा झटका!

Sai Sudharsan Sai Sudharsan: भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी साई सुदर्शन के फैंस के लिए...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें