Anant Ambani: साल 2025 रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी के लिए एक परिवर्तनकारी वर्ष रहा, जहां उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में नई जिम्मेदारियां संभालीं, वहीं आध्यात्म और वन्य जीवों के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को भी खुलकर प्रदर्शित किया। जामनगर से द्वारकाधीश मंदिर तक की पदयात्रा हो या बेजुबान प्राणियों के लिए उनका अथक समर्पण, इस वर्ष उनके बहुआयामी व्यक्तित्व के कई अनछुए पहलू सामने आए हैं।
अनंत अंबानी: कॉर्पोरेट से आध्यात्म तक, एक असाधारण वर्ष की कहानी
अनंत अंबानी का आध्यात्म और कॉर्पोरेट सफर
साल 2025 में, अनंत अंबानी के व्यक्तित्व के दो प्रमुख रंग देखने को मिले – एक ओर भक्ति और आस्था में डूबा मन, तो दूसरी ओर कॉर्पोरेट जिम्मेदारियों का कुशल निर्वहन। वर्ष की शुरुआत में, 27 मार्च के आसपास, उन्होंने गुजरात के जामनगर स्थित अपने निवास से द्वारकाधीश मंदिर तक लगभग 140 किलोमीटर की पदयात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा केवल शारीरिक दृढ़ता ही नहीं, बल्कि उनकी आध्यात्मिक आस्था की गहराई को भी दर्शाती है, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिली। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस आध्यात्मिक यात्रा के कुछ ही समय बाद, अनंत अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में महत्वपूर्ण नेतृत्व की भूमिका संभाली। यह उनकी कॉर्पोरेट यात्रा में एक अहम पड़ाव था, जहां उन्होंने व्यापारिक रणनीति और निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इससे पहले, फरवरी के महीने में, उन्होंने महाकुंभ में पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई और श्रद्धालुओं के बीच मिठाइयां बांटकर अपनी उदारता का परिचय दिया।
बेजुबान जीवों के प्रति अतुलनीय समर्पण
भक्ति, आस्था और व्यवसायिक जिम्मेदारियों के दायरे से आगे बढ़कर, अनंत अंबानी ने बेजुबान जीवों के कल्याण के लिए भी उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने गुजरात के वनतारा में बेसहारा जानवरों के लिए एक अत्याधुनिक बचाव केंद्र स्थापित किया, जहां इन प्राणियों की बेहतरीन देखभाल और उपचार सुनिश्चित किया जाता है। वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनके इस अथक प्रयास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली।
दिसंबर 2025 में, अंबानी को वाशिंगटन, डी.सी. में ग्लोबल ह्यूमन सोसाइटी द्वारा पशु कल्याण के लिए प्रतिष्ठित ग्लोबल ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी, क्योंकि वे यह पुरस्कार पाने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति और पहले एशियाई बने। ग्लोबल ह्यूमन सोसाइटी के अनुसार, अंबानी को वनतारा में जानवरों के रख-रखाव, उनके इलाज और वन्यजीव संरक्षण में निभाई गई उनकी असाधारण भूमिका के लिए चुना गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/business/।
यह वर्ष अनंत अंबानी के लिए व्यक्तिगत विकास, आध्यात्मिक उन्नति और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया, जिसने उन्हें एक युवा नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित किया, जिनकी पहुंच कॉर्पोरेट बोर्डरूम से लेकर वन्यजीव अभयारण्यों तक फैली हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





