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जनवरी, 7, 2026

Kishanganj NIA Action: आतंक के ‘आहूजा कोचिंग सेंटर’ पर NIA का शिकंजा, दो संदिग्ध हिरासत में

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Kishanganj NIA Action: किशनगंज में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कार्रवाई सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा दीवार में छिपे उन सुराखों को भरने की कोशिश है, जहां से आतंक के बीज बोए जा रहे थे। बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज में एक बार फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को गहरी चौकसी बरतने पर मजबूर कर दिया है। फुलवारी शरीफ से जुड़े चर्चित PFI आतंकी साजिश मामले में NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।

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किशनगंज एनआईए एक्शन: PFI आतंकी साजिश की जड़ें कितनी गहरी?

बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज में एक बार फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को गहरी चौकसी बरतने पर मजबूर कर दिया है। फुलवारी शरीफ से जुड़े चर्चित PFI आतंकी साजिश मामले में NIA ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई, जो बेलवा और सोंथा गांव में की गई, देश में पनप रहे आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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हिरासत में लिए गए एक संदिग्ध की पहचान दानिश उर्फ गोगो के रूप में हुई है, जो बेलवा इलाके में ‘आहूजा कोचिंग सेंटर’ चलाता था। NIA को दानिश के पास से कई मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी मिले हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। दूसरा संदिग्ध सोंथा गांव का निवासी है और वह पहले से गिरफ्तार PFI सदस्य अतहर परवेज का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है।

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यह भी पढ़ें:  नेपाल के बीरगंज में भड़की हिंसा: क्यों सुलग रहा है सीमावर्ती शहर Birgunj Violence का कारण क्या?

फुलवारी शरीफ कनेक्शन: अतहर परवेज से जुड़े तार

यह मामला जुलाई 2022 में पटना के फुलवारी शरीफ से अतहर परवेज की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। अतहर परवेज पर PFI के लिए संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने और देश विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने का आरोप है। किशनगंज में हुई यह नवीनतम कार्रवाई दिखाती है कि PFI का आतंकी नेटवर्क बिहार के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक अपनी जड़ें फैला चुका था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सितंबर 2022 में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को आतंकवाद के वित्तपोषण, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, PFI का लक्ष्य 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। NIA बिहार में PFI के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने के लिए विभिन्न जिलों में लगातार छापेमारी कर रही है।

जांच का दायरा और सुरक्षा चुनौतियाँ

किशनगंज एक संवेदनशील सीमावर्ती जिला है, जिसकी सीमाएं नेपाल और पश्चिम बंगाल से लगती हैं। ऐसे में यहां आतंकी गतिविधियों से जुड़े संदिग्धों की सक्रियता सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। NIA की यह कार्रवाई न केवल PFI के खिलाफ चल रही देशव्यापी मुहिम का हिस्सा है, बल्कि यह भविष्य में ऐसे संगठनों की किसी भी कोशिश को नाकाम करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण संदेश है।

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