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जनवरी, 5, 2026

Ayushman Card News: बिहार में स्वास्थ्य क्रांति: आशा और आंगनबाड़ी दीदियों को मिलेगा ‘आयुष्मान कार्ड’ का सुरक्षा चक्र, 5 लाख तक मुफ्त इलाज!

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Ayushman Card News: कभी-कभी एक छोटा सा सरकारी फैसला लाखों जिंदगियों के लिए सुरक्षा का अभेद्य कवच बन जाता है। बिहार सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में ऐसा ही एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिससे अब राज्य की नींव मानी जाने वाली ‘आशा’ और ‘आंगनबाड़ी’ दीदियों के चेहरों पर भी मुस्कान छा जाएगी।

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बिहार में स्वास्थ्य क्रांति: आशा और आंगनबाड़ी दीदियों को मिलेगा ‘आयुष्मान कार्ड’ का सुरक्षा चक्र, 5 लाख तक मुफ्त इलाज!

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आयुष्मान कार्ड: अब सिर्फ गरीबों का नहीं, हर जरूरतमंद का अधिकार

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बिहार सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक दूरगामी और महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया है। अब तक आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ मुख्य रूप से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले परिवारों तक ही सीमित था, लेकिन इस नए निर्णय से इसका दायरा बहुत बढ़ गया है। राज्य की उन लाखों आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जो जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की रीढ़ हैं। यह फैसला इन कर्मठ दीदियों के लिए एक बड़ा संबल है, जो दिन-रात समाज की सेवा में लगी रहती हैं।

यह पहल सुनिश्चित करेगी कि इन महत्वपूर्ण कार्यकर्ताओं को भी अब ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सके। इसका सीधा अर्थ है कि गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें अपनी जेब से भारी-भरकम खर्च नहीं करना पड़ेगा। यह एक ऐसा कदम है जिससे न केवल इन दीदियों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि उनके परिवारों को भी वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अतुलनीय है, और अब सरकार ने उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

इस नई नीति के तहत, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं, जो पहले इस योजना से वंचित थीं, अब देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना का हिस्सा बन जाएंगी। यह स्वास्थ्य बीमा उन्हें किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे उनके काम के प्रति प्रोत्साहन बढ़ेगा और वे बिना किसी चिंता के अपनी सेवाएं जारी रख पाएंगी।

**स्वास्थ्य सेवाओं में बिहार का नया अध्याय**

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बिहार सरकार का यह निर्णय राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह दर्शाता है कि सरकार अब केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर तबके को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कदम से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ेगी और लाखों परिवारों को बीमारियों के आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। यह न केवल इन कार्यकर्ताओं के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए एक सकारात्मक बदलाव है।

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यह योजना न केवल व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को भी मजबूत करेगी। जब स्वास्थ्य कार्यकर्ता स्वयं सुरक्षित महसूस करेंगे, तो वे अपनी ड्यूटी और भी बेहतर ढंग से निभा पाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। बिहार सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल पेश कर सकती है कि कैसे जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।

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