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जनवरी, 7, 2026

Darbhanga Pilgrimage: बिहार से देव शरीफ-अजमेर और प्रयागराज-अयोध्या के लिए तीर्थयात्री रवाना, सदियों पुराना दरभंगा पर्यटन संस्थान बना आस्था का सेतु

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Darbhanga Pilgrimage: आस्था का सैलाब उमड़ा, जहां एक ओर दुआओं का काफिला निकला तो वहीं दूसरी ओर सद्भाव की धारा बह निकली। दरभंगा पर्यटन संस्थान ने एक बार फिर धार्मिक यात्राओं के माध्यम से एकजुटता की नई मिसाल पेश की है। बिहार के दरभंगा से एक 75 सदस्यीय जियारत दल रविवार शाम को देव शरीफ (बाराबंकी), हज़रत निज़ामुद्दीन (दिल्ली) और अजमेर शरीफ की पाक यात्रा के लिए रवाना हुआ। यह दल पूरे दस दिन की आध्यात्मिक यात्रा के बाद 10 जनवरी की रात को वापस लौटेगा।वर्ष 2014 से लगातार दरभंगा पर्यटन संस्थान विभिन्न धार्मिक स्थलों के लिए जियारत और तीर्थ यात्रा दलों का आयोजन कर रहा है। चुनावी व्यस्तताओं के कारण इस बार यह यात्रा नवंबर की बजाय जनवरी में आयोजित की जा रही है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को बिना किसी कठिनाई के तीर्थ यात्रा कराना है। इस नेक पहल में युवाओं का सहयोग सराहनीय रहा है, जो यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।Darbhanga Pilgrimage: बिहार से देव शरीफ-अजमेर और प्रयागराज-अयोध्या के लिए तीर्थयात्री रवाना, सदियों पुराना दरभंगा पर्यटन संस्थान बना आस्था का सेतुइस अवसर पर दरभंगा रेलवे स्टेशन पर एक हृदयस्पर्शी दृश्य देखने को मिला, जब संस्थान के हिंदू सहयोगियों ने सभी यात्रियों को सफल यात्रा की शुभकामनाएँ देकर विदा किया। यह दृश्य सचमुच आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धार्मिक सौहार्द बिहार की एक अद्भुत मिसाल पेश कर रहा था, जहां आस्था की डगर पर धर्म और समुदाय की कोई दीवार नहीं थी।

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Darbhanga Pilgrimage: दोनों समुदायों के लिए आस्था का अद्भुत संगम

मुस्लिम जियारत दल की वापसी के बाद, दरभंगा पर्यटन संस्थान एक और महत्वपूर्ण यात्रा की तैयारी में जुट जाएगा। 15 जनवरी को 100 हिंदू सदस्यों का एक दल विंध्याचल, प्रयागराज (माघी मेला) और अयोध्या के लिए रवाना होगा। यह लगातार चलती रहने वाली परंपरा दोनों समुदायों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करती है।संस्थान की संरक्षक और पूर्व पार्षद मधुबाला सिन्हा ने बताया कि 2014 से अब तक पांच हजार से अधिक हिंदू और मुस्लिम श्रद्धालु इन यात्राओं का लाभ उठा चुके हैं। सभी यात्राएं यथासंभव ट्रेन से आयोजित की जाती हैं, और इसके लिए दो माह पहले ही आरक्षण करवा लिया जाता है। यात्रा के दौरान यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों के भोजन और पानी का खास ख्याल रखा जाता है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सिन्हा जी स्वयं हर यात्रा में साथ जाती हैं और सुनिश्चित करती हैं कि सब कुछ सुचारू रूप से चले। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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बुजुर्गों को समर्पित संस्थान: सहज और सुरक्षित तीर्थ यात्रा

संस्थान के गठन का मूल उद्देश्य ही बुजुर्ग यात्रियों को सहज और सुरक्षित तीर्थ यात्रा उपलब्ध कराना था, और यह आज भी अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी से बचने के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह संस्थान न केवल धार्मिक यात्राएं आयोजित करता है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक भी बन गया है, जो दरभंगा और पूरे बिहार में धार्मिक सौहार्द बिहार को बढ़ावा देता है।

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