
जमुई देशज टाइम्स। स्मृतियों का आकाश जब किसी विभूति के अवदानों से जगमगा उठता है, तब समय की चादर ओढ़े भी उनकी आभा अक्षुण्ण रहती है। Jamui News: जमुई की माटी के ऐसे ही एक सपूत, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर शिक्षा के प्रसार तक अपना जीवन समर्पित किया, उनकी सातवीं पुण्यतिथि 6 जनवरी को मनाई जाएगी।
Jamui News: पूर्व विधायक नरदेव प्रसाद भगत की 7वीं पुण्यतिथि, जानिए क्या हैं तैयारियां
जमुई समाचार: 6 जनवरी को होगा मुख्य समारोह
स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी, एक प्रख्यात अधिवक्ता और शिक्षा के अलख जगाने वाले दूरदर्शी, जमुई के पूर्व विधायक दिवंगत नरदेव प्रसाद भगत की सातवीं पुण्यतिथि 6 जनवरी को पूरे श्रद्धा भाव के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके विराट व्यक्तित्व को याद करने के लिए भव्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह समारोह जमुई के सरस्वती-अर्जुन-एकलव्य महाविद्यालय परिसर में स्थित उनके पूज्य समाधि स्थल पर आयोजित किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सह राष्ट्रीय परिषद सदस्य एवं दिवंगत नरदेव बाबू के सुपुत्र प्रकाश कुमार भगत ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्य समारोह स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ ही एक भावांजलि सभा का भी आयोजन किया गया है। इस दौरान विभिन्न ओहदेदार, गणमान्य व्यक्ति और जिलावासी बड़ी संख्या में शामिल होकर स्मृतिशेष नरदेव बाबू के जीवन-दर्शन और उनके कार्यों को याद करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक ऐसा अवसर होगा जब जमुई के लोग अपने इस महान नेता की विरासत को स्मरण करेंगे।
श्री भगत ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण पुण्यतिथि समारोह में हिस्सा लेकर इसे सफल बनाएं और उस महान आत्मा को श्रद्धांजलि दें, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र को समर्पित कर दिया। उनकी यह सातवीं पुण्यतिथि हमें उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
विरासत और प्रेरणा
नरदेव प्रसाद भगत केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में भी एक मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने सरस्वती-अर्जुन-एकलव्य महाविद्यालय जैसे संस्थानों की स्थापना कर क्षेत्र में ज्ञान की ज्योति फैलाई। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और सेवा का प्रतीक था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनकी दूरदर्शिता और जनसेवा की भावना आज भी कई लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है। इस पुण्यतिथि के माध्यम से उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके योगदान से परिचित हो सकें। उनके पुत्र प्रकाश कुमार भगत ने यह भी कहा कि दिवंगत बाबू का जीवन हमें सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है।

