
Bihar Crime News: जमीन की भूख ऐसी कि रिश्तों को भी लहूलुहान कर दे। बिहार के सोनपुर गांव से आई यह खबर एक बार फिर जमीन से जुड़े खूनी संघर्ष की भयावह तस्वीर पेश कर रही है।
Darbhanga Crime News: जमीन विवाद में खूनी खेल, मां-बेटे पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला, हालत गंभीर
बिरौल में Bihar Crime News: जमीन के लालच में खूनी संघर्ष
बिरौल थाना क्षेत्र के सोनपुर गांव में जमीन और वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद एक पक्ष की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह घटना 2 जनवरी की शाम करीब 3 बजे की है, जब गणेश कुंवर की पत्नी सुगा देवी और उनके पुत्र सिकंदर कुंवर उर्फ कारी गांव की एक किराना दुकान से सामान खरीदकर घर लौट रहे थे।
आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे विपक्षियों ने उन पर हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार, सूरज सिंह, पप्पू सिंह, बृज बिहारी सिंह, बबलू सिंह और चंचल देवी ने मिलकर मां-बेटे को घेर लिया। इस दौरान उन्होंने धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया, जिससे दोनों बुरी तरह से लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। इस दिल दहला देने वाले घटनाक्रम के बाद इलाके में भय का माहौल है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ग्रामीणों ने चीख-पुकार सुनकर घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को तत्काल बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) रेफर कर दिया। दोनों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू
बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गणेश कुंवर के आवेदन के आधार पर पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे जमीनी विवाद ने आज यह हिंसक रूप ले लिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/ । इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जमीनी झगड़े कितनी आसानी से जानलेवा मोड़ ले सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले में पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है। इस तरह के भूमि विवाद से उत्पन्न होने वाली हिंसा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है, और प्रशासन को इस पर कठोर कदम उठाने चाहिए। यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त एक बड़ी समस्या की बानगी है जहां मामूली झगड़े भी धारदार हथियार के इस्तेमाल तक पहुंच जाते हैं।






