

Benipur Water Crisis: गर्मी की तपिश और सूखते हलक की कहानी जब बेनीपुर की गलियों से गुजरी, तो प्रशासन की नींद टूटी और बंद कमरों में बैठकों का दौर शुरू हो गया। विधायक की पहल पर हुई एक अहम बैठक में जब योजनाओं की हकीकत सामने आई तो सबके होश उड़ गए।
Benipur Water Crisis पर विधायक ने की समीक्षा बैठक
बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी की विशेष पहल पर सोमवार को प्रखंड मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कुमार प्रदीप और दरभंगा के अधीक्षण अभियंता राजेश रोशन विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में दम तोड़ चुकी नल-जल योजनाओं को फिर से पटरी पर लाना था।
बैठक के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रवीण कुमार ने क्षेत्र के सभी 16 पंचायतों में चल रही जल-नल योजना का भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस रिपोर्ट ने अधिकारियों और विधायक के सामने चौंकाने वाले तथ्य रखे। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग नब्बे प्रतिशत योजनाओं में आंशिक या बड़ी खराबी के कारण जलापूर्ति पूरी तरह से ठप है और आम लोगों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह खुलासा तब और गंभीर हो गया जब ठेकेदार के प्रतिनिधि ने गलत सूचना देते हुए दावा किया कि अधिकांश योजनाओं की मरम्मत कर दी गई है।
पंचायतवार समीक्षा में खुली योजनाओं की पोल
ठेकेदार के खोखले दावों को विधायक विनय कुमार चौधरी ने गंभीरता से लिया और तत्काल पंचायतवार समीक्षा शुरू कर दी। इस दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित पंचायत सचिवों ने ठेकेदार के दावों का पुरजोर खंडन किया। उन्होंने शिवराम, सझुआर, गणेश बनौल बलनी, माधोपुर, हावीभौआर, जरिसो और पोहद्दी जैसे कई पंचायतों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वहां जल-नल योजना जनता के लिए पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रही है। लोगों को एक-एक बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इसी बीच, नव पदस्थापित कनीय अभियंता दीपक कुमार ने जानकारी दी कि सझुआर, माधोपुर और जरिसो सहित अन्य पंचायतों में नई आवंटित योजनाओं पर जल्द ही काम शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने इसके लिए भूमि आवंटन और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि कार्य को गति दी जा सके।
अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश, ठेकेदार को लगी फटकार
बैठक में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बाद मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता ने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने बीडीओ प्रवीण कुमार द्वारा प्रस्तुत भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट को अपने हाथ में लेते हुए स्वयं योजनाओं का निरीक्षण करने की बात कही। उन्होंने ठेकेदार के प्रतिनिधि को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत योजनाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी ने अंत में स्पष्ट और कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रखंड प्रमुख चौधरी मुकुंद राय, बमभोल झा, महेंद्र कांति, प्रेम कुमार झा, लाल बाबू झा, विकास कुमार देव, अमित झा, और डॉ. रौशन झा समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग उपस्थित थे।


