
Agniveer: लाखों युवाओं का सपना होता है भारतीय सेना में स्थायी सैनिक बनना, लेकिन अब अग्निवीरों के लिए एक नया और बेहद महत्वपूर्ण नियम आया है, जो सीधे तौर पर उनके निजी जीवन से जुड़ा है।
Agniveer योजना: भारतीय सेना का बड़ा फैसला, स्थायी नियुक्ति से पहले शादी पर सख्त पाबंदी!
भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर भर्ती हुए लाखों युवाओं का सपना स्थायी सैनिक बनने का होता है। इसी सपने को पूरा करने की राह में भारतीय सेना ने एक अहम नियम लागू किया है, जिसे हर अग्निवीर को जानना बेहद जरूरी है। इस नए नियम के अनुसार, जो अग्निवीर सेना में स्थायी सैनिक बनना चाहते हैं, वे तब तक शादी नहीं कर सकते, जब तक उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं मिल जाती। अगर कोई अग्निवीर इस प्रक्रिया के दौरान या स्थायी सैनिक बनने से पहले विवाह कर लेता है, तो उसे स्थायी सेवा के लिए अयोग्य माना जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Agniveer और विवाह के नए नियम
यह नियम स्पष्ट रूप से कहता है कि ऐसे अग्निवीर न तो स्थायी सैनिक बनने के लिए आवेदन कर पाएंगे और न ही चयन प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे। इससे उन सभी अग्निवीरों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं, खासकर इस बात को लेकर कि वे आखिर कब शादी कर सकते हैं। सेना ने इस पर भी स्थिति साफ कर दी है। अग्निवीर केवल तभी विवाह कर सकते हैं जब वे भारतीय सेना में स्थायी सैनिक के रूप में नियुक्त हो जाएं।
इसका मतलब है कि जब तक स्थायी नियुक्ति का अंतिम परिणाम घोषित नहीं हो जाता, तब तक उन्हें विवाह से दूर रहना होगा। यह इंतजार बहुत लंबा नहीं होगा, क्योंकि अग्निवीरों को अपनी चार साल की सेवा पूरी करने के बाद लगभग 4 से 6 महीने का अतिरिक्त समय देना होगा, जिसमें स्थायी नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया समाप्त होगी।
अग्निवीर योजना की शुरुआत साल 2022 में की गई थी, जिसके तहत बड़ी संख्या में युवाओं को सेना में शामिल किया गया। इस योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच की चार साल की सेवा अब पूरी होने वाली है। अनुमान है कि जून और जुलाई 2026 के आसपास 2022 बैच के अग्निवीरों की सेवा अवधि समाप्त हो जाएगी। पहले बैच में करीब 20 हजार युवा शामिल थे, जो अब सेवामुक्त होने की कगार पर हैं।
सेना में स्थायी होने की राह
इन सभी अग्निवीरों में से लगभग 25 प्रतिशत को भारतीय सेना में स्थायी सैनिक बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इसके लिए चयन शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से मेरिट और प्रदर्शन पर आधारित होगी। जो Agniveer इस कड़ी प्रक्रिया में सफल होंगे, उन्हें सेना में परमानेंट नियुक्ति प्रदान की जाएगी। यह नियम देश के भविष्य को आकार देने वाले युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
स्थायी सैनिक बनने की प्रक्रिया उनकी चार साल की सेवा खत्म होते ही उसी दिन पूरी नहीं हो जाती। इसके लिए सफल अग्निवीरों को आवेदन करना होगा और उसके बाद एक विस्तृत चयन प्रक्रिया चलेगी। यह प्रक्रिया सामान्य तौर पर 4 से 6 महीने तक चल सकती है। इसी दौरान सेना ने यह स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं कि जब तक अंतिम सूची जारी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी अग्निवीर को शादी नहीं करनी चाहिए।
नियमों का पालन है जरूरी
सेना का साफ कहना है कि यदि कोई अग्निवीर इस अवधि में विवाह करता है, तो उसे स्थायी सैनिक बनने की दौड़ से तुरंत बाहर कर दिया जाएगा। ऐसे उम्मीदवार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, भले ही उसकी योग्यता कितनी ही उत्कृष्ट क्यों न हो। इसलिए, अग्निवीरों को इस नियम की गंभीरता को समझते हुए इसका पालन करने की सख्त सलाह दी गई है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।
जो अग्निवीर स्थायी सैनिक के रूप में सफलतापूर्वक चयनित हो जाते हैं, उन्हें नौकरी मिलने के बाद विवाह करने की पूरी छूट होगी। एक बार भारतीय सेना में स्थायी रूप से शामिल होने के बाद, वे अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार कभी भी विवाह कर सकते हैं। उस समय उन पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी और उनका निजी जीवन भी आगे बढ़ सकेगा। यह सुनिश्चित करना हर अग्निवीर की जिम्मेदारी है कि वे नियमों का पालन करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




