

Bihar Education: शिक्षा की दहलीज पर खड़ा बिहार, जहां ज्ञान की रोशनी से हर कोना जगमग होना चाहिए, वहीं एक बड़ी लापरवाही ने विभाग की नींद उड़ा दी है। मोतिहारी जिले में 1855 स्कूलों को अब 24 घंटे का अल्टीमेटम मिला है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यू-डायस पोर्टल पर छात्रों का नामांकन डेटा अपलोड नहीं करने के कारण शिक्षा विभाग ने इन सरकारी और निजी विद्यालयों को सख्त नोटिस जारी किया है।
जिले के शिक्षा अधिकारियों की ओर से जारी इस निर्देश ने सभी संबंधित स्कूलों में हड़कंप मचा दिया है। डीपीओ एसएसए ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगले 24 घंटे के भीतर सभी लंबित डेटा को पोर्टल पर अपलोड किया जाए और साथ ही इस लापरवाही का जवाब भी दें। यह कदम बच्चों के भविष्य और शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। खासकर जब स्कूल नामांकन डेटा का सही आकलन भविष्य की योजनाओं के लिए आधार होता है।
Bihar Education विभाग का कड़ा रुख: 1855 स्कूलों को 24 घंटे का अल्टीमेटम
अधिकारियों का कहना है कि यू-डायस पोर्टल पर डेटा अपलोड करना एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार को विद्यालयों में छात्रों की संख्या, शिक्षकों की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं। इस डेटा के आधार पर ही शैक्षणिक नीतियों और वित्तीय आवंटन का निर्धारण किया जाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों द्वारा डेटा अपलोड न करना गंभीर चिंता का विषय है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर डेटा अपलोड नहीं किया जाता है, तो संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता रद्द करने और वित्तीय सहायता रोकने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। शिक्षा विभाग अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले में स्कूल नामांकन डेटा की अद्यतन जानकारी देना अति आवश्यक है।
लापरवाही पर भारी पड़ेगी सख्ती: भविष्य की कार्रवाई पर नजर
मोतिहारी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग अब सख्ती से नियमों का पालन कराने में जुट गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले 24 घंटे में कितने स्कूल इस अल्टीमेटम का पालन करते हैं और कितने कार्रवाई की जद में आते हैं। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि डिजिटल इंडिया के दौर में भी कई जगहों पर मूलभूत प्रक्रियाओं का पालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



