
Ahalya Mahotsav News: कमतौल दरभंगा देशज टाइम्स। मिथिला की पावन धरा पर एक बार फिर आस्था और संस्कृति का संगम होने जा रहा है। भक्ति और उल्लास की लहरों पर सवार यह महोत्सव क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करेगा, जहां सदियों पुरानी परंपराएं जीवंत हो उठेंगी।
Ahalya Mahotsav की तैयारियां: 400 कन्याओं ने कराया पंजीकरण
कमतौल। तीर्थ स्थल अहल्यास्थान में 9 से 11 जनवरी तक होने वाले 14वें राजकीय Ahalya Mahotsav के सफल आयोजन के लिए प्रशासनिक और स्थानीय दोनों स्तरों पर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। महोत्सव के प्रचार-प्रसार और कलश वितरण का कार्य तेजी से चल रहा है। मंगलवार देर शाम तक मिली जानकारी के अनुसार, कलश शोभायात्रा में शामिल होने के लिए लगभग 400 कन्याओं ने अपना पंजीकरण करा लिया है, जो इस आयोजन के प्रति जनमानस के उत्साह को दर्शाता है। यह एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव है, जिसका मिथिला क्षेत्र में विशेष स्थान है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक भव्य मंच और एक विशाल पंडाल का निर्माण करवाया जा रहा है। साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम अंतिम दौर में है, ताकि तीर्थ स्थल की चमक और निखर सके। अहल्यास्थान आने-जाने वाले रास्तों पर आकर्षक तोरण द्वार लगाए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। स्थानीय न्यास समिति के सदस्य उमेश ठाकुर ने बताया कि अहल्यास्थान स्थित मंदिरों को बिजली के रंग-बिरंगे झालरों से सजाया गया है, जिससे पूरा परिसर जगमगा उठा है। कलश वितरण और प्रचार-प्रसार का कार्य अनवरत जारी है और विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सोमवार देर शाम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) स्वयं कार्यक्रम स्थल का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने अहल्यास्थान में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पंडाल निर्माता को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वरीय अधिकारियों से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में स्थानीय स्तर पर सभी कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था: हर वर्ष की तरह विशेष प्रबंध
महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और विशेषकर कलश शोभायात्रा में शामिल होने वाली कन्याओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कलश शोभायात्रा में शामिल होने वाली कन्याओं के भोजन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह धार्मिक महोत्सव न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है। यह दर्शाता है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

