
Darbhanga Murder: मौत ने दस्तक दी और जिंदगी एक पल में वीरान हो गई। दरभंगा के लहेरियासराय में एक ई-रिक्शा चालक की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
दरभंगा हत्याकांड: पुलिस को क्या मिला CCTV फुटेज में?
दरभंगा के लहेरियासराय थाना से महज़ सौ गज की दूरी पर एक ई-रिक्शा चालक का शव मिलने से बुधवार की सुबह हड़कंप मच गया। कमर्शियल चौक स्थित स्वीट होम दुकान के पास मृत अवस्था में पड़े चालक की सूचना मिलते ही लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया। मृतक की पहचान पवन कुमार प्रसाद (45) के रूप में हुई है, जो बहेड़ी थाना क्षेत्र के सुसारी गांव के स्वर्गीय उमेश प्रसाद के पुत्र थे। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
शुरुआती जांच में पता चला है कि पवन कुमार प्रसाद की गर्दन पर चाकू के गहरे घाव मिले हैं, जिससे उनकी हत्या का संदेह गहरा गया है। सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध लोगों को ई-रिक्शा के पास चाकूबाजी करते देखा गया है। हालांकि, पुलिस फिलहाल इस मामले में ज्यादा जानकारी देने से बच रही है। यह घटना बिहार आपराधिक खबरें में एक और गंभीर कड़ी जोड़ती है, जो कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
मृतक पवन कुमार प्रसाद पीएचईडी विभाग में परिचारी के पद पर दरभंगा प्रमंडल में कार्यरत थे। उनके साले मनीष सिन्हा ने पुलिस को बताया कि पवन की पहली पत्नी और दो बच्चे दिल्ली में रहते हैं। पवन ने एक मुस्लिम महिला से दूसरी शादी की थी, जिससे उनके तीन बच्चे थे और वे डीएमसीएच के बच्चा वार्ड के पास सरकारी क्वार्टर में रहते थे। पवन को 2010 में पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा पर नौकरी मिली थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पवन की दूसरी पत्नी ने बताया कि मंगलवार देर शाम करीब 8 बजे उनकी पवन से बात हुई थी। पवन ने कहा था कि वह ऑटो चलाने जा रहे हैं और बाद में बात करेंगे। बुधवार सुबह उनके भाई ने कॉल करके बताया कि पवन कुमार प्रसाद को गोली मार दी गई है, जिसके बाद वह तुरंत पोस्टमार्टम विभाग पहुंचीं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
एसआईटी का गठन, जल्द खुलासे की उम्मीद
एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी ने बताया कि बुधवार सुबह एक शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि इस दरभंगा हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसमें डीआईयू (जिला खुफिया इकाई) को भी शामिल किया गया है। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही हत्या के कारण का पता लगा लिया जाएगा और हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि मृतक को न्याय मिल सके और ऐसे अपराधों पर अंकुश लग सके। नौकरी करने के बावजूद शाम के बाद पवन ई रिक्शा चलाता था। पवन के साला मनीष सिन्हा के अनुसार उनके खाते में 80 लाख रुपया होने की बात बताया है। हत्या का कारण वह भी हो सकता है।


