



Nitin Gadkari: झारखंड की तकदीर अब सड़क और पुलों के रास्ते एक नया आकार लेने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने राज्य के लिए सौगातों का ऐसा पिटारा खोला है, जिससे विकास की रफ्तार को नए पंख लग जाएंगे। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में कई बड़ी परियोजनाओं पर मुहर लगा दी गई, जो राज्य के औद्योगिक और पर्यटन परिदृश्य को पूरी तरह बदल देंगी।
केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari के अहम निर्देश
नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में झारखंड के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। केंद्रीय मंत्री ने राज्य में खनन, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुलभ यातायात की नई परियोजनाओं से संबंधित प्रस्ताव मांगे हैं, ताकि झारखंड का चौतरफा विकास सुनिश्चित किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक के दौरान पिछले साल पथ निर्माण से जुड़े भूमि अधिग्रहण और फॉरेस्ट क्लीयरेंस के मामलों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया और बाकी बचे मामलों को भी जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार को यह निर्देश भी दिया गया कि झारखंड और सीमावर्ती राज्यों के बीच खनन एवं औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए तैयार प्रस्तावों को तुरंत पीएम गति शक्ति पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इससे इन प्रस्तावों की समीक्षा कर उन्हें जल्द मंजूरी दी जा सकेगी और राज्य में infrastructure development को तेजी मिलेगी।
इन बड़ी परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
बैठक में झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए कई प्रस्तावों पर प्राथमिक सहमति बनी, जो न केवल राज्य बल्कि पूरे पूर्वी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। इनमें सबसे प्रमुख योजनाएं निम्नलिखित हैं:
- रांची से साहिबगंज राष्ट्रीय राजमार्ग: इस रूट पर जैनामोड़, डुमरी, फुसरो और देवघर से मिर्खाबाद के बीच के मिसिंग हिस्सों में फोरलेन और सिक्सलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा।
- गंगा नदी पर महासेतु: राजमहल (झारखंड) से लेकर मानिक चक (पश्चिम बंगाल) तक गंगा नदी पर एक विशाल पुल बनाने के प्रस्ताव पर विचार करने और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
गंगा पर बनने वाला यह पुल झारखंड के लिए पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का गेटवे खोल देगा। केंद्रीय मंत्री ने इसे क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन परियोजनाओं से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
पीएम गति-शक्ति पोर्टल पर अपलोड होंगे प्रस्ताव
केंद्रीय मंत्री ने प्रधान सचिव (पथ निर्माण विभाग) सुनील कुमार को स्पष्ट निर्देश दिया कि इन सभी महत्वपूर्ण प्रस्तावों को बिना किसी देरी के पीएम गति-शक्ति पोर्टल पर डाला जाए। ऐसा करने से मंत्रालय इन पर आगे की कार्रवाई तेजी से कर सकेगा। राज्य में खनन और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए पहले से ही कई क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनमें ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर, ईस्टर्न कॉरिडोर, नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर और सेंट्रल कॉरिडोर शामिल हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस अहम बैठक में केंद्रीय मंत्री के साथ मंत्रालय के दोनों राज्य मंत्री, सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर और एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने झारखंड के विकास के इस नए अध्याय पर अपनी सहमति जताई।


