back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 20, 2026
spot_img

लोहड़ी 2026: खुशियों और समृद्धि का पावन पर्व

spot_img
- Advertisement -

Lohri 2026: भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहार केवल मनोरंजन का साधन नहीं, अपितु ये हमारे जीवन में नई ऊर्जा, उमंग और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं। ऐसे ही पावन पर्वों में से एक है लोहड़ी, जो शीत ऋतु के समापन और नई फसल के आगमन का प्रतीक है। यह पर्व माघ मास की शुरुआत से ठीक पहले, मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व मनाया जाता है, जब प्रकृति अपनी अनुपम छटा बिखेरते हुए नवजीवन का संदेश देती है।

- Advertisement -

लोहड़ी 2026: खुशियों और समृद्धि का पावन पर्व

Lohri 2026: परंपराएं और धार्मिक महत्व

लोहड़ी का पर्व मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह नवविवाहित जोड़ों और नवजात शिशुओं के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन लोग एकत्रित होकर अग्नि प्रज्वलित करते हैं और उसमें तिल, गुड़, मक्का, मूंगफली और रेवड़ी अर्पित करते हैं। यह अग्नि पूजा न केवल शीतलता को दूर भगाती है, बल्कि बुराइयों का नाश कर जीवन में सकारात्मकता लाने का भी प्रतीक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामूहिक उल्लास में शामिल होने का अवसर प्रदान करता है।

- Advertisement -

लोहड़ी पूजन विधि

  • संध्या काल में किसी खुले स्थान पर लकड़ियों और उपलों का ढेर लगाकर अग्नि प्रज्वलित करें।
  • अग्नि के चारों ओर परिक्रमा करते हुए ‘आदर आए, दलद्दर जाए’ का उच्चारण करें।
  • अग्नि में तिल, गुड़, गजक, मूंगफली, मक्का और रेवड़ी अर्पित करें।
  • नवविवाहित जोड़े अग्नि में आहुति देकर सुखमय दांपत्य जीवन की कामना करें।
  • घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें और प्रसाद वितरित करें।
यह भी पढ़ें:  भारत में ईद 2026 डेट: खुशी और भाईचारे का संदेश

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

लोहड़ी कथा और महत्व

लोहड़ी पर्व के पीछे कई लोक कथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें सबसे प्रसिद्ध कथा दुल्ला भट्टी की है, जिन्हें गरीबों का मसीहा और डाकू नहीं बल्कि नायक माना जाता था। उन्होंने मुगल काल में गरीब लड़कियों को जबरन उठा ले जाने वाले जमींदारों से बचाया और उनकी शादी करवाई। दुल्ला भट्टी की इसी बहादुरी और परोपकार को याद करते हुए लोहड़ी के गीत गाए जाते हैं, जो ‘सुंदर मुंदरिये हो…’ जैसे लोकगीतों में आज भी जीवंत हैं। यह पर्व हमें त्याग, बलिदान और मानवीय मूल्यों की याद दिलाता है।

नवविवाहितों के लिए लोहड़ी का विशेष महत्व

नवविवाहित महिलाओं के लिए लोहड़ी का पर्व बहुत खास होता है। इस दिन वे सुंदर वस्त्र पहनकर तैयार होती हैं और अग्नि की परिक्रमा कर अपने सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। ससुराल पक्ष की ओर से उन्हें विशेष उपहार और आशीर्वाद दिए जाते हैं, जिससे उनका नया जीवन खुशियों से भर जाए। इसी प्रकार, यदि घर में कोई शिशु जन्मा हो, तो उसकी पहली लोहड़ी धूमधाम से मनाई जाती है, जिसे नई खुशियों के आगमन का शगुन माना जाता है।

लोहड़ी पर करें ये विशेष उपाय

  • लोहड़ी की अग्नि में थोड़े से तिल और गुड़ अर्पित करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
  • गरीबों और जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े और ऊनी वस्त्र दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • इस दिन घर में खीर और मीठे पकवान बनाकर वितरण करने से पारिवारिक Harmony बनी रहती है।
  • सूर्य देव को अर्घ्य देना और अग्नि पूजा के समय भगवान सूर्य का स्मरण करना शुभ फलदायी होता है।
यह भी पढ़ें:  Chaitra Navratri 2024: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि और आरती से पाएं अक्षय पुण्य

निष्कर्ष

लोहड़ी का यह पर्व हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़े रखता है और सामूहिक उल्लास का संदेश देता है। यह शीत ऋतु के अंत और वसंत के आगमन का प्रतीक होने के साथ-साथ, नई उमंग और आशाओं का संचार भी करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन अग्नि में अर्पित की गई हर वस्तु हमारी नकारात्मकता को जलाकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

भारत में सबसे सुरक्षित कारें: जानें कौन सी गाड़ियां हैं Safest Cars in India!

Safest Cars in India: कार खरीदना अब सिर्फ डिज़ाइन और फीचर्स तक ही सीमित...

खुशियों का पैगाम: ईद उल फितर 2026 कब होगी नमाज, जाने अलविदा जुमा का महत्व

Eid Ul Fitr 2026: चांद के दीदार के साथ ही खुशियों और भाईचारे का...

ईद उल फितर 2026: चांद का दीदार नहीं, अब शनिवार को अदा होगी नमाज

Eid Ul Fitr 2026: इस्लामी कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण पर्व, ईद-उल-फितर, खुशी और भाईचारे...

स्मार्टफोन पर Phone Tapping: पहचानें खतरे के संकेत और रहें सुरक्षित

Phone Tapping: आज के डिजिटल युग में जहां स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अभिन्न अंग...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें