



कमतौल समाचार: विकास की पटरी पर दौड़ने को आतुर कोई शहर जब खुद ही अपनी राह में रोड़े अटकाने लगे, तो सवाल उठना लाज़मी है। इसी विरोधाभास की बानगी कमतौल के मुख्य बाजार में देखने को मिल रही है, जहां अतिक्रमण मुक्त कराए बिना ही नाला निर्माण का कार्य शुरू हो गया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कमतौल समाचार: कमतौल बाजार में नाला निर्माण पर सवाल, अतिक्रमण हटे बिना कैसे बनेगा ड्रेन?
कमतौल समाचार: क्या है पूरा मामला और क्यों उठ रहे सवाल?
नगर पंचायत कमतौल-अहियारी के मुख्य बाजार में अतिक्रमण मुक्ति अभियान गति पर है। हालांकि, अभी तक बाजार के केवल कुछ ही हिस्सों से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया है। स्थायी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तो अभी शुरू भी नहीं हुई है। ऐसे में बाजार चौक के निकट अतिक्रमण मुक्त कराए बिना ही नाला निर्माण के लिए खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है, जो स्थानीय निवासियों के लिए अबूझ पहेली बन गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
स्थानीय निवासी उमेश कुमार सिंह ने इस मामले को लेकर नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी प्रिंसी कुमारी को एक लिखित आवेदन दिया है। उन्होंने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि एक ओर कमतौल में अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है, जिसके तहत कुछ अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर स्थायी अतिक्रमण अभी भी जस का तस है। इस अभियान के बीच ही बाजार में नाला निर्माण का कार्य शुरू होना, किसी भी समझदार व्यक्ति को हैरान कर देगा।
नागरिकों का तर्क है कि नाले का निर्माण प्लस टू आरएस गर्ल्स उच्च विद्यालय से कमतौल महाविद्यालय तक और कमतौल गांव से ढढ़िया मोड़ तक किया जाना है। वर्तमान में जो अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहा है, उसे भविष्य को ध्यान में रखकर सड़क की चौड़ाई निर्धारित करनी चाहिए। नाला निर्माण सरकारी जमीन की अंतिम सीमा पर होना चाहिए, ताकि भविष्य में सड़क चौड़ी करने की आवश्यकता पड़ने पर कोई बाधा उत्पन्न न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बिना अतिक्रमण हटाए वर्तमान में जो नाला निर्माण की खुदाई हो रही है, वह पूरी तरह से गलत है।
इस मुद्दे पर उमेश कुमार सिंह के साथ-साथ अशेश्वर प्रसाद आजाद, सुनील कुमार चौधरी, मनोज चौधरी, विवेकानंद ठाकुर, राकेश ठाकुर, अमरेश कुमार राय, महताब आलम, सुजीत सहनी, अफाक आलम, अंजनी निषाद और रामऔतार मुखिया जैसे कई अन्य स्थानीय निवासियों ने भी बिना अतिक्रमण हटाए नाला निर्माण शुरू करने के औचित्य पर सवाल उठाया है। विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनहित सबसे ऊपर होना चाहिए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
कार्यपालक पदाधिकारी ने क्या कहा?
जब इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी प्रिंसी कुमारी से बात की गई, तो उन्होंने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थल निरीक्षण कर इस दिशा में उचित और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में गंभीरता से विचार करेगा और जनहित को प्राथमिकता देते हुए सही निर्णय लेगा।



