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फ़रवरी, 11, 2026
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Jharkhand News: शब्द सरिता महोत्सव में दिखी बिरसा मुंडा के संघर्ष की गूंज, नृत्य नाटिका देख दर्शक हुए भावुक

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Jharkhand News: जब मंच पर मांदर की थाप गूंजी तो लगा मानो इतिहास के पन्ने पलट गए हों। बोकारो में शब्द सरिता महोत्सव के मंच पर कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से ऐसी समां बांधी कि दर्शक दीर्घा में बैठा हर शख्स भावुक हो गया।

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Jharkhand News: मांदर की थाप पर जीवंत हुई झारखंडी संस्कृति

बोकारो में चल रहे शब्द सरिता महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या उस समय यादगार बन गई, जब ‘जागो जगाओ ग्रुप’ के कलाकारों ने संथाली नृत्य-नाटिका का मंचन किया। विनोद कुमार के नेतृत्व में कलाकारों के समूह ने अपनी शानदार प्रस्तुति से झारखंड की समृद्ध और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। यह अद्भुत सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का स्रोत बना, बल्कि इसने दर्शकों को प्रदेश की जड़ों से भी गहराई से जोड़ा।

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इस नृत्य-नाटिका के माध्यम से कलाकारों ने झारखंड की मिट्टी, यहां की कृषि परंपरा और अपनी पहचान को बचाने के संदेश को बड़ी ही खूबसूरती से प्रस्तुत किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रस्तुति का एक सशक्त पहलू शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की परंपरा को भी उजागर करना था, जिसे कलाकारों ने अपने अभिनय और नृत्य से बखूबी दर्शाया।

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यह भी पढ़ें:  Bokaro News: डिजिटल दुनिया का जाल-जाल में छिपे खतरों से आगाह छात्रों, युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों को साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग... जानिए सामूहिक जिम्मेदारी

कलाकारों ने जगाई शोषण के विरुद्ध अलख

कार्यक्रम में जैसे ही झारखंडी मांदर की थाप गूंजी, दर्शकों में एक नया जोश भर गया। यह वही थाप थी जिसने कभी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका था। मंच पर भगवान बिरसा मुंडा के आंदोलन और उनके जीवन के संघर्षों को जिस तरह से साकार किया गया, उसने पूरे माहौल को भावुक बना दिया।

भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित इस नृत्य-नाटिका ने ऐसा भावनात्मक और चेतनामय वातावरण तैयार किया कि दर्शक दीर्घा में बैठे लोग अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पूरे कार्यक्रम स्थल में देशज संस्कृति की चेतना और गौरव की गूंज सुनाई दे रही थी। इस प्रस्तुति ने यह संदेश भी दिया कि ‘सोनार झारखंड’ की संकल्पना को साकार करने में कला और संस्कृति की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है, जो समाज को जागरूक और ऊर्जावान बनाती है। इस कार्यक्रम ने नई पीढ़ी को झारखंड की ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने का एक सराहनीय काम किया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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