

बिहार में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े ने गुरुवार को राज्यभर में सनसनी फैला दी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम जैसे ही मुजफ्फरपुर पहुंची, इस अवैध नेटवर्क से जुड़े लोगों में भारी अफरा-तफरी मच गई। मुजफ्फरपुर के रामबाग चौड़ी इलाके में ईडी की गाड़ियों के रुकते ही मुख्य आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी शुरू हो गई। यह पूरा मामला ‘रेलवे नौकरी घोटाला’ से जुड़ा हुआ है, जहां युवाओं को नौकरी का लालच देकर उनसे मोटी रकम या जमीन ऐंठी गई। इस ‘रेलवे नौकरी घोटाला’ में कई बड़े नामों के शामिल होने की आशंका है, जिसकी जांच चल रही है।
मुजफ्फरपुर में Bihar ED Raid: जमीन के बदले नौकरी का गोरखधंधा
ईडी की टीम ने गोपनीय तरीके से अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। सुबह-सुबह शहर के प्रमुख ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू हुई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई रेलवे में फर्जी तरीके से नियुक्ति दिलाने के एक बड़े रैकेट से जुड़ी है, जिसके तार कई राज्यों में फैले हो सकते हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम भी इस मामले में सामने आए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
छापेमारी के दौरान, जांच अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां जब्त की हैं। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, मुख्य आरोपी के घर से नकदी और सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से उन लोगों में खलबली मच गई है जो लंबे समय से इस तरह के फर्जीवाड़े में संलिप्त थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भविष्य की कार्रवाई और जांच का दायरा
ईडी की टीम अब जब्त किए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों की गहनता से जांच करेगी। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी पड़ताल की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस फर्जीवाड़े से अर्जित संपत्ति का उपयोग कई अन्य अवैध गतिविधियों में किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और जांच का दायरा भी बढ़ सकता है। यह कार्रवाई युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे गिरोहों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।



