



Ahilyasthan Mahotsav: धर्म की धारा जब आस्था के संगम से मिलती है, तो जन-जन का हृदय भक्ति से सराबोर हो उठता है। इसी पावन संगम का एक विहंगम दृश्य कमतौल में देखने को मिला।
कमतौल में 14वां राजकीय Ahilyasthan Mahotsav: भक्ति और उत्साह से सराबोर कलश यात्रा
भव्यता लिए निकली Ahilyasthan Mahotsav की कलश यात्रा
कमतौल स्थित पौराणिक तीर्थ स्थल अहल्यास्थान में 14वें राजकीय Ahilyasthan Mahotsav का शानदार आगाज शुक्रवार को हुआ। सुबह नौ बजे पंच कन्याओं में शामिल पूजनीय भगवती अहल्या की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके उपरांत, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, गाजे-बाजे और भक्तिमय भजनों की गूंज के साथ एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा अहल्यास्थान से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित गौतमाश्रम तक पहुंची। कड़ाके की ठंड के बावजूद, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इस शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे भक्तगण ‘जय श्रीराम’ के जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे। गौतमाश्रम के पवित्र कुंड में विशेष पूजा-अर्चना की गई और कलशों में जल भरा गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बाद, शोभायात्रा में शामिल सभी भक्त वापस अहल्यास्थान लौटे। कलशों में भरा जल अहल्या कुंड में प्रवाहित किया गया। सत्संग भवन परिसर में कन्याओं सहित शोभायात्रा में हिस्सा लेने वाले सभी श्रद्धालुओं को खीर, पूड़ी और सब्जी का भोजन कराकर विदा किया गया। यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में श्रद्धा का संचार कर गया।
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विधायक जीवेश कुमार, एसडीपीओ सदर-2 शुभेन्द्र कुमार सुमन, बीडीओ मनोज कुमार और थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष सशस्त्र बल के जवान जगह-जगह तैनात रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। न्यास समिति के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर, उपाध्यक्ष विमल यादव, सचिव हेमंत झा, कोषाध्यक्ष रंजीत प्रसाद, सदस्य अंजनी निषाद और उमेश ठाकुर जैसे कई गणमान्य व्यक्ति भी इस शोभायात्रा की व्यवस्था और निगरानी में सक्रिय रूप से शामिल थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह सुनिश्चित किया गया कि यह महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो।



