



Ahalya Sthan: वो भूमि जहां पत्थर बनी एक नारी को मिला था मोक्ष, अब उसी जगह से बिहार सरकार दुनिया को एक नया संदेश देने जा रही है। 14वें राजकीय अहल्या गौतम महोत्सव के मंच से पर्यटन मंत्री ने उस संदेश की पहली झलक दिखा दी है।
कमतौल स्थित अहल्यास्थान में 14वें राजकीय अहल्या गौतम महोत्सव का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए बिहार के पर्यटन मंत्री डॉ. अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि श्रीराम ने अहल्या का उद्धार कर यह साबित कर दिया था कि नारी कभी पतिता नहीं होती। उन्होंने कहा कि वैदिक काल से ही हमारे समाज में नारी पूजनीय रही है और इसी भूमि से भगवान राम ने दुनिया को नारी सशक्तिकरण का सबसे बड़ा संदेश दिया था। उन्होंने घोषणा की कि रामायण सर्किट में शामिल यह पवित्र स्थल अब विश्व के पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बनाने के लिए तैयार है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग इसके आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों के विकास की संभावनाएं भी तलाश रहा है।
Ahalya Sthan के विकास को लगेंगे पंख
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद विधायक जीवेश कुमार ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर नीयत साफ होती तो इस पवित्र स्थल का विकास वर्षों पहले हो गया होता। उन्होंने कहा कि 2005 के बाद की सरकार ने धार्मिक स्थलों पर ध्यान दिया, जिसका परिणाम है कि आज 36 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से अहल्यास्थान के विकास का कार्य शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में यह और तेज होगा। उन्होंने मंत्री जी से क्षेत्र के अन्य तीर्थ स्थलों को भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की।
इस अवसर पर श्यामा न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ. कमलाकांत झा ने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने अहल्यास्थान सहित आसपास के पौराणिक स्थलों को एक-दूसरे से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, न्यास समिति के संरक्षक एवं पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने सनातन की रक्षा करते हुए देश और समाज के विकास के लिए कार्य करने का आह्वान किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अहल्या स्मारिका का हुआ विमोचन
महोत्सव के उद्घाटन समारोह से पहले सभी अतिथियों का पारंपरिक पाग और चादर से सम्मान किया गया। इसके बाद अतिथियों ने संयुक्त रूप से ‘अहल्या स्मारिका’ का विमोचन भी किया। इस मौके पर एडीएम सलीम अख्तर, डीएम के एनडीसी पवन कुमार, एसडीएम विकास कुमार, एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन, बीडीओ मनोज कुमार, और नपं के मुख्य पार्षद रंजीत प्रसाद समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और न्यास समिति के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर, उपाध्यक्ष विमल यादव, सचिव हेमन्त झा एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।



