
Shani Sade Sati Dhaiya 2026: सनातन धर्म में ग्रहों के गोचर और उनके प्रभावों का विशेष महत्व है। न्याय के देवता भगवान शनिदेव की चाल का हर राशि के जातकों पर गहरा असर होता है। साल 2026 में शनि देव की साढ़ेसाती और ढैय्या का असर कई राशियों पर बना रहेगा, जिससे उनके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कालखंड किसी के लिए चुनौतियों से भरा हो सकता है, तो किसी को आत्मनिरीक्षण का अवसर प्रदान करेगा।
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शनि साढ़े साती ढैय्या 2026: इन राशियों पर रहेगा शनि का प्रभाव, जानें बचाव के आसान और असरदार उपाय
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शनि साढ़े साती ढैय्या 2026: इन राशियों पर शनि का प्रभाव
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ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, वर्ष 2026 में शनि देव का शनि गोचर कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। इस वर्ष कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण रहेगा, जो उन्हें धैर्य और संयम सिखाएगा। वहीं, मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण प्रभावी रहेगा, जिसमें उन्हें करियर, धन और रिश्तों में विशेष सावधानी बरतनी होगी। मेष राशि के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण आरंभ होगा, जो नए संघर्षों और जिम्मेदारियों के साथ आएगा। इसके अतिरिक्त, सिंह राशि और धनु राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव बना रहेगा, जिससे उन्हें कार्यक्षेत्र में बाधाएं, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन सभी राशियों को शनि के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
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शनि के अशुभ प्रभावों से बचने के उपाय
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शनि देव को प्रसन्न करने और उनके अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय अत्यंत प्रभावी माने गए हैं:
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- प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि चालीसा का पाठ करें।
- गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें, विशेषकर काला तिल, उड़द दाल, सरसों का तेल और काले वस्त्र।
- हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करने से भी शनि के दुष्प्रभाव कम होते हैं।
- शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं और इस मंत्र का 108 बार जाप करें:
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ॐ शं शनैश्चराय नमः।
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- मजदूरों, सेवकों और अपने से निम्न वर्ग के लोगों का सम्मान करें।
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शनि देव न्यायप्रिय देवता हैं और वे कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसलिए, इस अवधि में अपने कर्मों पर विशेष ध्यान दें और ईमानदारी तथा निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करें। शनि के शुभ प्रभाव के लिए सात्विक जीवन शैली अपनाना और दूसरों के प्रति दयालुता का भाव रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह समय आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक विकास के लिए भी उत्तम है।








