
Tamil Nadu News: सियासत की बिसात पर जब संस्कृति की चाल चली जाती है, तो समाज में ज्ञान की नई बहार आती है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हाल ही में राज्य में इसी बहार को फैलाने का काम किया, जहां उन्होंने पोंगल समारोह में भाग लिया और तिरुक्कुरल सप्ताह का ऐलान किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई में आयोजित पोंगल समारोह में शिरकत की, जहाँ उन्होंने उपस्थित लोगों को रसोई के उपकरण वितरित कर खुशी साझा की। इसी दिन, मुख्यमंत्री ने जनवरी माह को ‘तिरुक्कुरल सप्ताह’ के रूप में राज्यव्यापी स्तर पर मनाने की घोषणा की, जिससे तमिल भाषा, साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता एक बार फिर उजागर हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ये भव्य समारोह कन्याकुमारी घाट पर मुथमिल अरिगनार द्वारा स्थापित ज्ञान की प्रतिमा की रजत जयंती के अवसर पर की गई घोषणा के अनुरूप आयोजित किए जा रहे हैं।
Tamil Nadu News: तिरुक्कुरल सप्ताह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आह्वान
मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ साझा किए गए एक वीडियो में पुष्टि की कि मुथमिल अरिगनार द्वारा कन्याकुमारी घाट पर स्थापित ‘ज्ञान की प्रतिमा’ की रजत जयंती समारोह के दौरान की गई घोषणा के अनुसार, जनवरी माह में पूरे तमिलनाडु में ‘कुरल वार विल्ला’ उत्सव उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। इस उत्सव के तहत सभी 38 जिलों में कुरल चित्रकला, कुरल पाठ, संगीत प्रस्तुतियां, सेमिनार, तमिल संगीत संध्याएं, सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की भागीदारी के साथ कुरल शिक्षक सम्मेलन, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं और अन्य सांस्कृतिक चेन्नई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
उन्होंने ‘थिरुक्कुरल थिरुविझा’ – एक ऐसा भव्य उत्सव जो तमिलों के हृदय को सदैव प्रफुल्लित करता है, के बैनर तले गर्व के साथ इन कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जनता से वल्लुवर के शाश्वत मूल्यों का सम्मान करने और उनका पालन करने का आग्रह किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ज्ञान पर्व और साहित्य का संगम
इसी बीच, मुख्यमंत्री स्टालिन ने गुरुवार को नंदनम स्थित वाईएमसीए मैदान में चेन्नई पुस्तक मेले के 49वें संस्करण का भी उद्घाटन किया। इस दीर्घकालिक ज्ञान उत्सव की निरंतर सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे ज्ञान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन सभी प्रकाशकों के प्रति आभार व्यक्त किया जो इतने वर्षों से लगातार इस प्रदर्शनी का आयोजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस तरह के चेन्नई कार्यक्रम के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने का प्रयास किया है।
स्टालिन ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कलाइग्नार द्वारा दिए गए 1 करोड़ रुपये के दान से प्राप्त ब्याज का उपयोग अब उत्कृष्ट लेखकों को सम्मानित करने के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि इस पहल के तहत, प्रख्यात लेखकों को ‘कलाइग्नार पोर्किझी पुरस्कार’ के माध्यम से प्रत्येक को 1 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। ज्ञान के महत्व पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि तमिल समुदाय को वैश्विक पटल पर एक ज्ञान-आधारित समाज के रूप में अपनी पहचान स्थापित करनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



