

Madhubani News: मधुबनी की स्वास्थ्य व्यवस्था की ढीली नब्ज पर जब जिलाधिकारी का सख्त हाथ पड़ा, तो कईयों के पसीने छूट गए। समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति देख डीएम आनंद शर्मा का पारा चढ़ गया और उन्होंने जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दे दिए हैं।
Madhubani News: इन तीन ब्लॉक का प्रदर्शन सबसे ख़राब, प्रभारी नपेंगे
जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक हंगामेदार रही। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के सभी सूचकांकों पर समग्र प्रदर्शन की समीक्षा की गई, जिसमें पंडौल, जयनगर एवं बाबूबरही प्रखंडों का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को अगले महीने तक प्रदर्शन में सुधार करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने साफ कहा कि लगातार निम्न प्रदर्शन करने वाले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी क्रम में उन्होंने बीसीएम पंडौल एवं स्वास्थ्य प्रशिक्षक पंडौल के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली तीन आशा कार्यकर्ताओं को चिन्हित करें और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास, जयनगर एवं झंझारपुर को हर महीने कम से कम 10 सिजेरियन डिलीवरी करने का लक्ष्य दिया। ऑनलाइन कंसल्टेशन में कोताही बरतने वाले चिकित्सकों को भी चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
संस्थागत प्रसव बढ़ाने और दलालों पर नकेल कसने का निर्देश
बैठक में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने डीसीएम को संस्थागत प्रसव की आशावार और प्रखंड स्तर पर समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला की लाइन लिस्टिंग से लेकर संस्थागत प्रसव तक की पूरी रिपोर्ट हर महीने उपलब्ध कराई जाए। गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड (आईएफए) एवं कैल्शियम की गोलियां शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने हेतु एएनएम के माध्यम से विशेष प्रयास करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी बीसीएम आशा कार्यकर्ताओं की उपलब्धि की समीक्षा करें, ताकि यह पता चल सके कि प्रसव कहाँ कराया गया। अच्छा काम करने वाली आशा को प्रोत्साहित करने के साथ ही, उन आशा एवं एएनएम पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया जो बिना किसी ठोस कारण के गर्भवती महिलाओं को निजी नर्सिंग होम में प्रसव के लिए भेजती हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। अस्पताल परिसरों में सक्रिय दलालों पर कड़ी नजर रखने और पकड़े जाने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का भी कड़ा निर्देश दिया गया।
अस्पतालों में डॉक्टर और दवा की उपलब्धता हो सुनिश्चित
जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रोस्टर के अनुसार डॉक्टरों और कर्मियों की उपस्थिति हर हाल में हो। दवा की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आवश्यक मात्रा में दवा का इंडेंट किया गया है या नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि दवा की कमी होने पर सीधे तौर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसी भी सूरत में मरीज को बाहर से दवा खरीदने की नौबत नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने अवैध नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लगातार जांच अभियान चलाने और दोषी पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पंजीकृत संस्थानों की भी जांच कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि वे विभागीय दिशा-निर्देशों और मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
आयुष्मान कार्ड के लिए चलेगा विशेष अभियान
बैठक के दौरान आयुष्मान भारत योजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 16 जनवरी से 31 जनवरी तक एक विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि आशा ऐप को शत-प्रतिशत क्रियान्वित करते हुए सभी डेटा उसी पर दर्ज किया जाए। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी अधिक से अधिक कार्ड बनाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना जरूरतमंदों के लिए अमृत के समान है। बैठक में अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के कई जिला स्तरीय पदाधिकारी और सभी प्रखंडों के चिकित्सा प्रभारी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



