back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 18, 2026
spot_img

Madhubani Child Marriage: मधुबनी में ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ को मिली नई धार, कार्यशाला में बनी रणनीति

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Child Marriage: समय से पहले मुरझा जाती हैं उम्मीदों की कलियाँ, जब कुरीतियों के अँधेरे में दम तोड़ती हैं मासूमियत। इसी सामाजिक अभिशाप को जड़ से मिटाने की अलख जगाई गई मधुबनी में, जहाँ “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन हुआ। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के तत्वावधान में 10 जनवरी 2026 को मधुबनी के वाटसन स्कूल सभागार में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यशाला का उद्देश्य 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले को बाल विवाह मुक्त बनाना था। इस पहल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सामाजिक सुरक्षा कोषांग, स्वास्थ्य विभाग, बाल संरक्षण इकाई और अन्य संबंधित विभागों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

- Advertisement -

Child Marriage: उन्मूलन की दिशा में साझा प्रयास और चुनौतियाँ

कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक ने किया। उन्होंने बाल विवाह के उन्मूलन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए इस दिशा में विभिन्न विभागों और संस्थानों के बीच समन्वय की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।Madhubani Child Marriage: मधुबनी में 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' को मिली नई धार, कार्यशाला में बनी रणनीतिइसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस ने बाल विवाह से उत्पन्न होने वाले गंभीर सामाजिक, शैक्षणिक और पारिवारिक दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जमीनी स्तर पर काम कर रही आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं विभागीय कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADSS), सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने बाल विवाह निषेध से संबंधित मौजूदा कानूनों, ऐसे मामलों में प्रशासनिक और न्यायिक भूमिका, तथा पीड़ित बालक-बालिकाओं को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम के लिए समय पर सूचना, त्वरित हस्तक्षेप और विभागीय समन्वय के महत्व पर विशेष जोर दिया।इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए कानून का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद आवश्यक है। बाल संरक्षण इकाई/चाइल्ड हेल्पलाइन के पदाधिकारी ने बाल विवाह की सूचना मिलने पर की जाने वाली तत्काल कार्यवाही, संरक्षण सेवाओं, काउंसलिंग, पुनर्वास और चाइल्ड हेल्पलाइन की भूमिका पर विस्तृत टिप्पणी प्रस्तुत की।GVYT के मैनेजिंग डायरेक्टर ने बाल विवाह के समाज पर पड़ने वाले व्यापक दुष्प्रभावों, जैसे—शिक्षा में अवरोध, बालिकाओं के सशक्तिकरण में बाधा, गरीबी और सामाजिक असमानता के दुष्चक्र को बढ़ावा मिलने जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/कार्यशाला में आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविकाएँ, DLSA से जुड़े अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि एवं अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। यह सार्थक विमर्श, विभागीय समन्वय एवं सकारात्मक सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

मधुबनी की एक महत्वपूर्ण पहल

यह कार्यशाला बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में मधुबनी जिले के लिए एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी पहल सिद्ध हुई है। उम्मीद है कि ऐसे प्रयासों से समाज में जागरूकता आएगी और कम उम्र में शादी की कुप्रथा पर रोक लगेगी, जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा।

यह भी पढ़ें:  Madhubani News: मधुबनी की बदलेगी तस्वीर, जितवारपुर बनेगा बिहार का पहला Craft Tourism Village, 21 फरवरी को होगा शुभारंभ
- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Salim Khan: मशहूर लेखक को हुआ ‘मिनी ब्रेन हेमरेज’, अस्पताल में भर्ती!

Salim Khan News: बॉलीवुड के महान पटकथा लेखक और सलमान खान के पिता की...

अपनी कार की Car AC Fuel Consumption: क्या आप जानते हैं 1 घंटे में कितना पेट्रोल खाता है AC?

Car AC Fuel Consumption: जैसे-जैसे गर्मी की शुरुआत हो रही है, अपनी कार में...

टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान का दम! कैसे पहुंची पाकिस्तान Super 8 में?

Pakistan Super 8: क्रिकेट प्रेमियों और खेल के दीवानों, टी-20 विश्व कप 2026 में...

किया सेल्टोस: भारतीय ग्राहकों के दिल पर राज, 6 लाख से अधिक बिक्री का आंकड़ा पार!

Kia Seltos: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक ऐसी एसयूवी जिसने आते ही धूम मचा...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें