



Dowry Death: रिश्तों की पवित्र डोर जब दहेज की अग्नि में जलकर राख हो जाती है, तब एक परिवार की उम्मीदों का महल भरभराकर ढह जाता है। बिहार के कमतौल थाना क्षेत्र से ऐसी ही एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके पिता ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया है।
Dowry Death: कमतौल थाना क्षेत्र के बड़की लाधा गांव में शनिवार की शाम एक युवती की रहस्यमय मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। युवती के पिता, सदर थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी सत्य नारायण साह ने इस मामले में अपने दामाद रवि शंकर साह पर अपनी बेटी की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि सात वर्ष पहले उनकी बेटी की शादी रवि शंकर से हुई थी। शादी के बाद से ही दामाद लगातार पांच लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। शनिवार को रवि शंकर ने उनकी बेटी को फांसी लगाकर मौत के घाट उतार दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Dowry Death: दहेज हत्या के मामलों पर सख्ती क्यों जरूरी?
थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि शनिवार देर शाम मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया था। रविवार को नामजद पति रविशंकर साह को गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस अभिरक्षा में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला समाज में व्याप्त दहेज उत्पीड़न की भयावह तस्वीर को एक बार फिर सामने लाता है।
पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़िता को न्याय मिल सके। सत्य नारायण साह का आरोप है कि उनकी बेटी को लगातार दहेज उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा था, जिसका अंत एक निर्मम हत्या के रूप में हुआ। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और दोषियों को कड़ी सजा मिलना अत्यंत आवश्यक है ताकि समाज में एक सख्त संदेश जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
यह घटना बिहार जैसे राज्य में, जहाँ सामाजिक कुरीतियाँ अब भी गहरी जड़ें जमाए हुए हैं, एक चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। समाज को ऐसे अपराधों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा।
शराब विनष्टीकरण अभियान जारी
कमतौल थाना परिसर में रविवार को पांच विभिन्न कांडों में जब्त की गई कुल 98 लीटर देसी और विदेशी शराब का विनष्टीकरण किया गया। यह कार्रवाई मद्य निषेध अभियान के तहत की गई, जो राज्य में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए लगातार जारी है। इस अवसर पर बतौर दंडाधिकारी सीओ वत्सांक और थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर संजीव कुमार चौधरी के साथ-साथ अन्य अधिकारी व पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस प्रशासन द्वारा जब्त की गई अवैध शराब को समय-समय पर नष्ट किया जाता है ताकि यह पुनः बाजार में न पहुंच सके और शराबबंदी कानून का उल्लंघन न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



