
Darbhanga News: मिथिला के राजसी अध्याय का एक सुनहरा पन्ना हमेशा के लिए बंद हो गया है। दरभंगा राज परिवार की महारानी कामसुंदरी देवी के निधन से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, मानो संस्कृति और परंपरा का एक मजबूत स्तंभ ढह गया हो। सोमवार को उनके अंतिम संस्कार में बिहार सरकार के उद्योग एवं पत्र निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल भी शामिल हुए और उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
Darbhanga News: गरिमा, सेवा और संस्कार की प्रतिमूर्ति थीं महारानी
महारानी कामसुंदरी देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा,
“दरभंगा राज परिवार की महारानी कामसुंदरी देवी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। वे गरिमा, सेवा और संस्कार की प्रतिमूर्ति थीं।”
मंत्री ने आगे कहा कि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं परोपकार के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनके निधन से न केवल दरभंगा राज परिवार बल्कि सम्पूर्ण मिथिलांचल ने एक स्नेहिल एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है।
महारानी के निधन को एक युग का अंत माना जा रहा है। दरभंगा राज परिवार का इतिहास गौरवशाली रहा है और महारानी कामसुंदरी देवी उस विरासत की एक महत्वपूर्ण कड़ी थीं। उनका सामाजिक जीवन हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
मंत्री ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि
डॉ. जायसवाल ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा,
“मैं उनके अंतिम संस्कार में सम्मिलित होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ तथा ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।”
उन्होंने शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की भी कामना की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका जाना मिथिलांचल के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।




