

Madhubani News: जब प्रशासन का चाबुक चलता है, तो दवा की आड़ में मौत का सामान बेचने वालों की चूलें हिल जाती हैं। मधुबनी में कुछ ऐसा ही हुआ, जब जिलाधिकारी के एक आदेश पर पूरा महकमा सड़कों पर उतर आया और नशीली दवाओं के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
Madhubani News: जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई ताबड़तोड़ छापेमारी
जिलाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के बाद जिले के सभी अनुमंडलों में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों, खासकर ‘सुखा नशा’ के खिलाफ एक बड़ा जांच अभियान छेड़ा गया। इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (DSP) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने किया। शनिवार को जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने इस अवैध दवा कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रभावी कार्रवाई का स्पष्ट निर्देश दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के जाल से बचाना और अवैध दवा विक्रेताओं पर शिकंजा कसना था।
जांच के दौरान कई दवा दुकानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थित दुकानों और विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में गहन तलाशी ली गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों में रखी नशीली दवाओं की खरीद से संबंधित कोई भी वैध कागजात या बिल पेश नहीं कर सके। इसके परिणामस्वरूप, इन दवाओं को तुरंत जब्त कर लिया गया और दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अनुमंडलवार कहां-कहां हुई बड़ी कार्रवाई?
जिले के अलग-अलग हिस्सों में प्रशासनिक टीमों ने एक साथ छापेमारी की, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि कैसे कुछ दवा विक्रेता चंद मुनाफे के लिए समाज में जहर घोल रहे थे।
- मधुबनी सदर: सदर एसडीओ चंदन कुमार झा ने शहर के कोतवाली चौक पर स्थित मां दुर्गा ड्रग एजेंसी और पंडौल के लोहट में महावीर फार्मा पर छापा मारा। यहां से कोरेक्स और फेंसेडिल सिरप जैसी प्रतिबंधित दवाएं बिना किसी वैध खरीद-विपत्र के बरामद की गईं, जिन्हें जब्त कर लिया गया।
- मधेपुर एवं बेनीपट्टी: ड्रग इंस्पेक्टर ने मधेपुर बस स्टैंड के पास एक ऐसे मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया, जिसका लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था। वहीं, बेनीपट्टी के हरलाखी प्रखंड अंतर्गत हरिने गांव में एक अवैध रूप से चल रही दवा दुकान पर भी ताला लगा दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- जयनगर: जयनगर में एसडीओ की टीम ने रेलवे मार्केट में न्यू एन. पी. इंटरप्राइजेज और स्टेशन रोड पर राजा ड्रग डिस्ट्रिब्यूशन की जांच की। यहां से डायलोना और एनाफोर्टन टैबलेट समेत कई अन्य दवाओं का विशाल जखीरा मिला, जिसका कोई हिसाब-किताब दुकानदार नहीं दे पाए।
- फुलपरास: लौकही प्रखंड के बजरंग चौक के पास एक मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया, क्योंकि वहां Schedule-H श्रेणी की दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही थी, जो बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं दी जा सकतीं।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए और सीमावर्ती क्षेत्रों की दुकानों पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही, सील की गई दुकानों और दर्ज मामलों पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




