



Lakhisarai Farmer Registry: किसान! यह नाम सिर्फ एक पहचान नहीं, यह देश की रीढ़ है। उनकी समृद्धि ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। इसी महत्वपूर्ण कड़ी को मजबूत करने के लिए लखीसराय में एक बड़ा कदम उठाया गया है, जिसका सीधा लाभ जिले के अन्नदाताओं को मिलेगा।
लखीसराय फार्मर रजिस्ट्री: अब एक भी किसान नहीं रहेगा सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित, DM ने दिए कड़े निर्देश
लखीसराय फार्मर रजिस्ट्री अभियान: DM ने दिए कड़े निर्देश
लखीसराय फार्मर रजिस्ट्री: आज 13 जनवरी को जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अगुवाई में एक महत्वपूर्ण एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला लखीसराय जिले के सभी अंचलों में फार्मर रजिस्ट्री कार्य से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों के लिए थी। समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य फार्मर रजिस्ट्री और फार्मर आईडी बनाने के काम में एकरूपता, पारदर्शिता और तेजी लाना था।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य एक विशेष अभियान के रूप में चल रहा है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि जिन व्यक्तियों के नाम से जमाबंदी दर्ज है, उनका फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनाया जाए। इसके साथ ही, जिन लोगों की जमाबंदी अभी तक दर्ज नहीं हुई है, उन्हें तुरंत जमाबंदी के लिए आवेदन जमा करने हेतु प्रेरित किया जाए, ताकि वे भी कृषि संबंधी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डीएम ने आगे बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM किसान योजना) का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनका फार्मर आईडी बना होगा। बिना फार्मर आईडी वाले किसान पीएम किसान योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे। यह जानकारी किसानों तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है। इसलिए सभी अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी और संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए जागरूक करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है कि जिले का कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं से अछूता न रहे।
तकनीकी बारीकियों पर गहन चर्चा और शंका समाधान
प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े तकनीकी पहलुओं, ऑनलाइन प्रविष्टि प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच-पड़ताल, त्रुटि सुधार और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित कर्मियों की सभी शंकाओं का समाधान किया गया और उन्हें कार्य में गुणवत्ता व समयबद्धता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि यह अभियान सीधे तौर पर किसानों के हित से जुड़ा है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता नीरज कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी, राजस्व कर्मचारी, किसान सलाहकार सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




