back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 14, 2026
spot_img

पूर्वी चंपारण में AI CyberCrime का नया चेहरा: गांव की महिला की बनाई अश्लील तस्वीर, किया वायरल, FIR

spot_img
- Advertisement - Advertisement

AI Cybercrime: जैसे-जैसे डिजिटल क्रांति की लहर गांव-गांव पहुंची है, वैसे-वैसे साइबर अपराध का काला साया भी फैलने लगा है। अब अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग कर महिलाओं को निशाना बना रहे हैं, जिसकी बानगी पूर्वी चंपारण से सामने आई है।

- Advertisement -

पूर्वी चंपारण में AI Cybercrime का नया चेहरा: गांव की महिला की अश्लील तस्वीर बनाकर किया वायरल, FIR दर्ज

गांवों तक पहुंचा AI Cybercrime का जाल: मीनापुर का मामला

पूर्वी चंपारण में साइबर अपराधियों ने एक नई और खतरनाक प्रवृत्ति को जन्म दिया है। जहां अब तक ठगी और धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे थे, वहीं अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर महिलाओं का डिजिटल उत्पीड़न किया जा रहा है। ताजा मामला मोतिहारी जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र से आया है, जहां एक युवक ने AI की मदद से एक महिला की अश्लील तस्वीर बनाकर उसे वायरल कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ती साइबर सुरक्षा चुनौतियों पर चिंता बढ़ा दी है।

- Advertisement -

पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, मीनापुर निवासी एक युवक ने बड़ी चालाकी से एक ग्रामीण महिला की सामान्य तस्वीर ली और फिर AI टूल का उपयोग करके उसे अश्लील रूप में बदल दिया। इसके बाद आरोपी ने इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर दिया, जिससे पीड़ित महिला को मानसिक आघात पहुंचा। यह घटना ग्रामीण परिवेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते डिजिटल उत्पीड़न का एक गंभीर उदाहरण है, जहां तकनीकी साक्षरता की कमी का फायदा उठाकर अपराधी उन्हें निशाना बना रहे हैं।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Mumbai Fake Birth Certificates: मुंबई फर्जी जन्म प्रमाण पत्र पर महापौर रितू तावड़े की 'सर्जिकल स्ट्राइक', फर्जीवाड़े पर कसेंगी नकेल!

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI के जरिए फोटो और वीडियो मॉर्फिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे निपटने के लिए जन जागरूकता और कठोर कानूनी कार्रवाई दोनों जरूरी हैं।

तकनीक का दुरुपयोग और बढ़ती चुनौतियां

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जहां एक ओर मानव जीवन को सरल बनाने की असीम संभावनाएं रखता है, वहीं दूसरी ओर इसका दुरुपयोग समाज के लिए नई चुनौतियां भी खड़ी कर रहा है। साइबर अपराधी अब AI का इस्तेमाल कर डीपफेक वीडियो और तस्वीरें बनाकर लोगों की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहे हैं। विशेषकर महिलाओं को इस प्रकार के अपराधों का शिकार बनाया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत जिंदगी प्रभावित हो रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह घटना बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर साक्षरता की कमी को भी उजागर करती है। ग्रामीण आबादी को ऑनलाइन सुरक्षा, गोपनीयता सेटिंग्स और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने के महत्व के बारे में शिक्षित करना बेहद आवश्यक है। पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि अपराधियों को कठोर संदेश मिल सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। यह समाज और कानून प्रवर्तन एजेंसियों दोनों के लिए एक साझा जिम्मेदारी है कि वे डिजिटल दुनिया को सभी के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाएं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

साइबर अपराध से बचाव के उपाय

साइबर अपराधों से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले, अपनी निजी तस्वीरों या जानकारियों को ऑनलाइन साझा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। अज्ञात स्रोतों से आने वाले लिंक्स या अटैचमेंट्स पर क्लिक न करें। सोशल मीडिया पर अपनी गोपनीयता सेटिंग्स को मजबूत रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को रिपोर्ट करें। याद रखें, जागरूकता ही बचाव का पहला कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

प्रीमियम Mid-Size Sedan: शहर और राजमार्गों के लिए बेहतरीन विकल्प

Mid-Size Sedan: क्या आप शहर की सड़कों पर शानदार प्रदर्शन और राजमार्गों पर बेजोड़...

सहायक स्टाफ नर्स पदों पर बंपर Staff Nurse Recruitment: 390 रिक्तियां घोषित, जल्द करें आवेदन!

Staff Nurse Recruitment: देश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में करियर बनाने...

Darbhanga Water Crisis: दिल्ली ने जाना दरभंगा में पानी की किल्लत, पढ़िए 66 साल पुराने पश्चिमी कोसी तटबंध का रिचार्ज

Darbhanga Water Crisis को लेकर जिले के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने दिल्ली...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें